विचार
सत्ता, संस्थान व संदेह
चुनावी शुचिता पर उठते सवाल, सत्ता की जवाबदेही और विपक्ष का प्रतिरोध, भारतीय लोकतंत्र आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। ज्ञानेश कुमार विवाद और सीजेपी के आंदोलन ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, विश्वसनीयता तथा जनमत की पवित्रता पर बहस तेज कर दी है।
By श्रीराजेश
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10 Oct 2026