बीएसएफ और उसके बाद सीआरपीएफ के जवान का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसके बाद अब सेनाध्यक्ष विपिन रावत से जवानों से कहा है कि वे सोशल मीडिया की शरण लेने के बजाय सीधे-सीधे मुझसे शियाकत करें और जवान अपने सेना के नेतृत्व पर भरोसा रखें. इस बार सोशल मीडिया को हथियार यज्ञ प्रताप सिंह ने बताया है जो 42 ब्रिगेड देहरादून में तैनात था. यज्ञ प्रताप ने पिछले साल 26 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय से सेना के अधिकारियों की शिकायत भी की थी. जवान ने आरोप भरे शब्दों में कहा है कि अधिकारी सैनिकों से घरों में सेवादारी करवाते हैं. खबर है कि मामले के प्रकाश में आने के बाद यज्ञ प्रताप को वहां से ट्रांसफर कर दिया गया है.
इन मामलों के बाद आज सेनाध्यक्ष विपिन रावत ने कहा है कि जवान अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत को शिकायत पेटी में डालें. हर कमांडर पेटी में शिकायत पेटी रखे जाने की बात सेनाध्यक्ष ने कही.
रावत ने कहा कि मीडिया सेना का उत्साह बढ़ा सकता है, हमारा देश कई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है. पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर में हिंसा देखने को मिली, हमने उस पर काबू पा लिया है. उन्होंने कहा कि मैं हर जवान से कहना चाहता हूं कि हम सब मिलकर एक मजबूत सेना बनाएंगे. हमें मॉर्डन टेक्नॉलजी के साथ चलने की जरूरत है ताकि हम अपनी क्षमता में लगातार सुधार कर सकें. अब हमारे कोशिश है कि सीमा पर तनाव और न बढ़ें. उन्होंने कहा कि आर्मी डे की पूर्वसंध्या पर मैं मीडिया के जरिए हर जवान तक अपना संदेश भेजना चाहता हूं.
आपको बता दें कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीआरपीएफ के एक जवान ने वीडियो शेयर किया और अब सेना का एक जवान यज्ञ प्रताप भी खुलकर सामने आ चुका है.