मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जल और हरियाली रहेगी, तभी बचेगा जीवन. जीवन को सुरक्षित करने और पर्यावरण को बचाने के लिए जल जीवन हरियाली योजना पर प्रमुख रूप से फोकस किया जा रहा है. महात्मा गांधी ने भी कहा है कि पृथ्वी मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा, परंतु उसके प्रलोभन का नहीं. अतः हम सब को एक साथ जागरूक होकर जल जीवन और हरियाली को संरक्षित करने के लिए आगे आना होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को शेखपुरा में जल जीवन हरियाली यात्रा के दौरान आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने किसानों से पुआल (पराली) नहीं जलाने की अपील की और कहा कि पुआल से इनकम पर सरकार योजना बना रही है.
शेखपुरा के मटोखर में सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि शेखपुरा की धरती भगवान बुद्ध की धरती रही है और मुंगेर गजेटियर में भी इसका वर्णन है. अतः इस धरती को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास सरकार के स्तर पर किए जाएंगे. इसके पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया. उन्होंने जल जीवन हरियाली जागरूकता से संबंधित झांकियों को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन और हरियाली योजना के तहत सभी तालाब पोखर और कुओं को अतिक्रमण मुक्त करते हुए उसका जीर्णोद्धार किया जाएगा. सभी सरकारी भवनों पर जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग और चापाकल बोरिंग के आसपास सोखता का निर्माण किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि बिहार में घर-घर बिजली पहुंचा दी गई है, परंतु यह बिजली कोयला से उत्पन्न है. ऐसे में अक्षय ऊर्जा पर भी हम लोगों को फोकस करना होगा. इसके तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार कार्य योजना बना रही है. मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में पुआल जलाने को गलत बताया और कहा कि किसान पुआल को बिल्कुल न जलाएं. इसके लिए सरकार चिंतित है और योजना बनाई जा रही है कि किसानों को पुआलों से कुछ इनकम हो जाए.