2026-27 के घरेलू क्रिकेट सत्र का उद्घाटन करने वाले प्रतिष्ठित दुलिप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ विशाल 708 रनों का स्कोर खड़ा कर मैच में अपना शिकंजा कस लिया है। चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने 270 रनों की ऐतिहासिक मैराथन पारी खेलकर घरेलू क्रिकेट में सनसनी फैला दी है।
ईशान किशन का यह दोहरा शतक कई मायनों में रिकॉर्ड-तोड़ और ऐतिहासिक रहा। दुलिप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले के 72 वर्षों के इतिहास में वे ईस्ट जोन की ओर से दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, एक विकेटकीपर-कप्तान के रूप में दुलिप ट्रॉफी फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का नया कीर्तिमान भी उनके नाम दर्ज हो गया। अपनी 522 मिनट लंबी पारी के दौरान किशन ने 27 चौके और 7 छक्के लगाए, जिसमें उन्होंने साउथ जोन के मुख्य गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया।
ईशान किशन की इस शानदार पारी में 21 वर्षीय कुमार कुशाग्र के शतक (101 रन) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके साथ किशन ने पांचवें विकेट के लिए 230 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की। मैच के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन द्वारा दी गई मजबूत शुरुआत के बाद मध्यक्रम ने साउथ जोन की गेंदबाजी आक्रमण—जिसमें मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी जैसे दिग्गज शामिल थे—को दबाव में रखा।
भारतीय राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खेली गई यह पारी ईशान किशन के टेस्ट और रेड-बॉल क्रिकेट करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। लंबे समय से राष्ट्रीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे किशन ने अपनी इस शतकीय पारी से चयनकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनमें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी लंबी और अनुशासित पारियां खेलने की क्षमता और मानसिक मजबूती मौजूद है।
मैच के संदर्भ में देखा जाए तो 708 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर दुलिप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने की मजबूत नींव रख दी है। साउथ जोन के सामने अब इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने का भारी मानसिक दबाव है, जो इस प्रथम श्रेणी मुकाबले को रोमांचक मोड़ पर ले आता है।