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रानी मुखर्जी पर टूटा दुखों का पहाड़: मां कृष्णा मुखर्जी के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी के परिवार पर गहरा दुख आ पड़ा है। उनकी पूज्य माता कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
22 Sep 2026
Solar farm during sunset

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी के परिवार पर गहरा दुख आ पड़ा है। उनकी पूज्य माता कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अपनी बेटी रानी मुखर्जी के करियर की शुरुआत से लेकर उनकी हर सफलता के पीछे एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी रहने वाली कृष्णा मुखर्जी के चले जाने से मुखर्जी परिवार और उनके करीबियों में गहरा शोक व्याप्त है।

कृष्णा मुखर्जी खुद भी कला और संगीत की दुनिया से गहरा जुड़ाव रखती थीं। वे अपने ज़माने की एक जानी-मानी पाश्र्व गायिका (Playback Singer) थीं और उन्होंने कई बंगाली फिल्मों में अपने मधुर स्वर का जादू बिखेरा था। एक कलात्मक परिवार का हिस्सा होने के नाते उन्होंने अपनी बेटी रानी मुखर्जी के भीतर बचपन से ही अभिनय और कला के प्रति प्रेम को पोषित किया। रानी मुखर्जी अक्सर अपने इंटरव्यूज में इस बात का जिक्र करती थीं कि उनकी मां ने ही उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए प्रेरित किया था।

निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड की तमाम दिग्गज हस्तियां, निर्देशक, निर्माता और सह-कलाकार रानी मुखर्जी और उनके परिवार को सांत्वना देने उनके आवास पहुंचे। अनुपम खेर, करण जौहर, काजोल और शाहरुख खान समेत कई बड़े नामों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। फिल्म जगत के लोगों का कहना है कि कृष्णा मुखर्जी न केवल एक ममतामयी मां थीं, बल्कि वे बेहद जिंदादिल और मेहमाननवाज इंसान भी थीं, जो हमेशा मुस्कुराते हुए लोगों का स्वागत करती थीं।

एक अभिनेत्री के जीवन में उनकी मां की भूमिका केवल एक अभिभावक तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे उनकी सबसे बड़ी समीक्षक और मार्गदर्शक भी होती हैं। रानी मुखर्जी के शुरुआती संघर्ष के दिनों से लेकर सफलता के शिखर तक पहुंचने तक, कृष्णा मुखर्जी हमेशा साये की तरह उनके साथ रहीं। शूटिंग सेट से लेकर अवॉर्ड समारोहों तक में उनकी मौजूदगी रानी के लिए एक बहुत बड़ा संबल होती थी।

मुखर्जी परिवार के इस अपूरणीय क्षति पर पूरा भारतीय फिल्म उद्योग शोक संतप्त है। अंतिम संस्कार के समय परिवार के करीबी सदस्यों के साथ-साथ सिनेमा जगत के कई सम्मानित लोग मौजूद रहे। कृष्णा मुखर्जी का जाना न केवल रानी मुखर्जी के लिए एक व्यक्तिगत नुकसान है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक दुखद क्षण है जो उनके स्नेही स्वभाव और कलात्मक योगदान से परिचित थे।