अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, अमेरिकी राजनीति और वैश्विक भारतीय समुदाय (Diaspora) के मोर्चे से आज अमेरिका के पश्चिमी तट से एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आई है। केरल में जन्मी भारतीय-अमेरिकी राजनेता नित्या वी. रमण ने लॉस एंजिल्स (Los Angeles) के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। 45 वर्षीय नित्या रमण निवर्तमान मेयर कैरन बास को करारी शिकस्त देकर अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े महानगर लॉस एंजिल्स की मेयर बनने वाली पहली दक्षिण एशियाई और भारतीय-मूल की नागरिक बन गई हैं।
पूर्व में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकीं नित्या रमण ने अपने चुनाव प्रचार में शहर में आवास संकट, बेघर लोगों की समस्या, सार्वजनिक परिवहन में सुधार और पर्यावरण-अनुकूल शहरी नीतियों को मुख्य मुद्दा बनाया था। उनके इस प्रगतिशील एजेंडे को सिलिकॉन वैली के युवाओं, प्रवासी भारतीयों और स्थानीय नागरिकों का अभूतपूर्व समर्थन मिला, जिसके बल पर उन्होंने यह बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए वाशिंगटन में हुए हालिया मध्यमावधि चुनावों के बाद यह लगातार दूसरी सबसे बड़ी और ऐतिहासिक राजनीतिक विजय है। अमेरिका के सबसे बड़े आर्थिक व मनोरंजन हब (हॉलीवुड का केंद्र) माने जाने वाले शहर की कमान एक भारतीय-मूल की महिला के हाथों में आना वैश्विक मंच पर प्रवासियों के बढ़ते प्रभाव और 'सॉफ्ट पावर' का सबसे प्रत्यक्ष उदाहरण है।
भारत के विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे प्रवासी संगठनों ने नित्या रमण को इस ऐतिहासकि जीत पर बधाई दी है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लॉस एंजिल्स जैसे प्रमुख अमेरिकी टेक और ट्रेड सेंटर में भारतीय मूल के नेतृत्व के आने से भारत और अमेरिकी कैलिफोर्निया राज्य के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी संबंधों को एक नई गति मिलेगी।
यह ऐतिहासिक चुनावी सफलता यह सिद्ध करती है कि भारतीय प्रतिभाएं अब केवल विज्ञान, उद्योग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में शीर्ष प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिकाएं भी बहुत ही कुशलता से निभा रही हैं।
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