समाज / साहित्य 226 मोदी के कर्मठ व्यक्तित्व की झांकी प्रस्तुत करने वाली कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक व्यक्तित्व, उल्लेखनीय उपलब्धियों और साहसिक फैसलों पर आधारित सैकडों पुस्तकें विगत कुछ वर्षों में लिखी जा चुकी हैं. ... के. अरविन्द 17 Oct 2020
समाज / साहित्य 212 रंगमंच के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन 'थिएटर ने मुझे बहुत प्यार दिया है, जब मैं आंखें मूंदूंगी यह प्यार दूसरी दुनिया में भी सुकून देता रहेगाःउषा गांगुली डॉ. अभिज्ञात 04 May 2020
समाज / साहित्य 576 स्वयं स्मृति बन गये स्मृतिलेखों के लेखक नवल कोलकाता के सुपरिचित कवि जय प्रकाश खत्री उर्फ नवल जी ने 24 अप्रैल 2020 को अपनी अंतिम सांस ली. अगले माह वे अस्सी के जाते. नवल जी पश्चिम बंगाल की दुनिया ... डॉ. अभिज्ञात 04 May 2020
समाज / साहित्य 296 पुस्तक समीक्षाः दीवार पर टंगे नाम बर्फ की तासीर गर्म होती है लेकिन स्पर्श तो शीतल ही होता है. ये दोनों विपरीत गुण उसे पूर्णता को प्राप्त कराते हैं. जीवन में विलोम प्रतिगामी नहीं होता, ... श्रीराजेश 02 Jan 2020
समाज / साहित्य 315 भारत की भाषाई विविधता में एकता भारत का एक गणराज्य के रूप में उदय अभी हाल की बात है. लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप की प्रशासनिक इकाइयाँ, क़बीले, रजवाड़े आपस में बात तो लगातार करते रहे, सदी... बिभाष श्रीवास्तव 04 Oct 2018
समाज / साहित्य 176 कैसा था वाजिद अली शाह का परीखाना अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह एक कुशल शासक के बजाय कला, संगीत प्रेमी और अपनी विलासमयी जीवनशैली की वजह से इतिहास में ज्यादा प्रसिद्ध हुए थे. उनकी ऐसी... CC News Network 01 Jun 2017
समाज / साहित्य 400 समय, संघर्ष, साहित्य और किसान किसान से जुडे किसी साहित्य की बात की जाती है तब सब के समक्ष एक ही नाम उपस्थित होता है, और वह है ''होरी''. मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखे गए उपन्यास का ... मंजूश्री राव 20 Apr 2017
समाज / साहित्य 142 लिटरेचर प्वाइंट की ओर से कवि गोष्ठी सम्पन्न लिटरेचर प्वाइंट की ओर से कोलकाता से तकरीबन 27 किलोमीटर दूर उपनगर टीटागढ़ में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलेन्द्र शान्त न... बद्रीनाथ वर्मा 27 Jan 2017
समाज / साहित्य 31 व्यंग्यः कुड़िए.....मैंनूं भी कनाडा जाणा सुबह-सुबह पड़ोसन चहकती हुई घर आ गईं. बताने लगीं कि अब हम भी विदेश जाएंगे. मैंने पूछा-¢कल तक तो आप विदेश जाने को मना करती थीं, अब अचानक क्यों. मनोज बिसारिया 23 Jan 2017