हवाई जहाज भी छत्तीसगढ़ के बायो फ्यूल से उड़ान भरेंगे. इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल प्राधिकरण और देहरादून स्थित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक शोध परिषद (सीएसआईआर) की संस्था भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस एमओयू के अनुसार हवाई जहाजों के लिए ईंधन (बायो फ्यूल) उत्पादन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना पर दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी.
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एन बैजेन्द्र कुमार ने बताया कि सीएसआईआर छत्तीसगढ़ के जेट्रोफा और अन्य बायो फ्यूल उत्पादों को लेकर रिसर्च करेगी. इसके बाद सरकार के साथ पेटेंट करेंगे. बताया जा रहा है कि विश्व में बायो फ्यूल से विमानों को उड़ाने की दिशा में रिसर्च चल रहा है. वर्ष 2019-20 के बाद विमानों में बायो फ्यूल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने का संकेत मिल रहा है.
ऐसे में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को सीएसआईआर टटोलेगी और जो प्रोडक्ट बनेगा, उसका पेटेंट भी कराया जाएगा. एमओयू पर छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण के कार्यपालक निदेशक शैलेन्द्र शुक्ला और भारतीय पेट्रोलियम संस्थान की ओर से निदेशक अंजन राय ने हस्ताक्षर किए. मुख्यमंत्री ने इस एमओयू पर खुशी जताई और सभी संबंधित अधिकारियों को इसके लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाने और उस पर तत्परता से अमल करने के निर्देश दिए.