असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को झारखंड सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं को पहुंचाने के लिए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से बीस दिनों तक चलाए गए अभियान में कुल 2424 मजदूरों का निबंधन किया गया.
विदित हो कि जिले में इससे पूर्व मात्र 1177 असंगठित मजदूरों का निबंधन हो पाया था. कम निबंधन हाेने से जिले के मजदूरों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा था. जिस कारण विभाग ने 25 नंबर से 10 दिसंबर तक विशेष निबंधन शिविर का आयोजन जिले के जामताड़ा, मिहिजाम एवं कुंडहित क्षेत्र में लगाया गया था. विशेष अभियान में जुड़े असंगठित क्षेत्र के मजदूरों एवं पूर्व के निबंधित मजदूरों की कुल संख्या 3601 हो गई है. असंगठित मजदूरों का विभाग निबंधन अब भी जारी है ताकि उन तक सरकार की योजना पहुंच सके. श्रम अधीक्षक शैलेंद्र कुमार साह ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक मजदूरों का निबंधन सुनिश्चित करना है. निबंधित मजदूरों को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी. वैसे स्वनियोजित कर्मकार जो ग्रामीण क्षेत्र के है और 1000-1200 रुपए प्रतिमाह कमाते हैं अथवा 2.5 एकड़ कृषि योग्य भूमि है एवं जो असंगठित क्षेत्र में मजदूरी से 6000 रुपए प्रतिमाह कमाता है को असंगठित कर्मकार की श्रेणी में रखा गया है. निबंधित असंगठित कर्मकारों को अहर्ता के आधार पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ, राष्ट्रीय पारिवारिक सहायता, जननी सुरक्षा योजना, आम आदमी बीमा योजना का लाभ तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाता है. निबंधन के समय मजदूरों का आधार संख्या, बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर लिया जाता है.
इस योजना के तहत मजदूरों को अनुदान दिए जाने की भी सुविधा है. दुर्घटना में मौत की स्थिति में एक लाख रुपए, सामान्य मृत्यु में 30 हजार रुपए, एक अंग भंग होने की स्थिति में 37 हजार 500, दोनो अंग भंग होने की स्थिति में 75 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा उनके बच्चों को 9-12वीं तक की पढ़ाई के लिए आईटीआई या पोलिटेक्निक में अध्ययनरत रहने पर 1200 रुपए प्रतिवर्ष दो किश्त में भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा असंगठित कर्मकार रोजगार प्रशिक्षण की भी व्यवस्था है. साथ हीं स्वावलंबी पेंशन योजना की भी मदद का प्रावधान है. इसके अलावा आवास सहायता योजना भी दिया जाएगा.
अर्थ संसार
झारखंड में मजदूरों को निबंधन बाद ही मिलेगा योजना लाभ
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को झारखंड सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं को पहुंचाने के लिए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से बीस दिनों तक चलाए गए अभियान में कुल 2424 मजदूरों का निबंधन किया गया. <Br/>
Cult Current
13 Jan 2017