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एनसीआर में कोयले पर चल रहे हैं 11 संयंत्र

प्रदूषण के मामले में दिल्ली अब विश्व के उन शहरों में शामिल हो गया है, जिसे रेड जोन घोषित किया गया है और ऐसे हालात में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 11 संयंत्र कोयले से चल रहे हैं. ये सभी 11 संयंत्र फिर से समीक्षा के घेरे में आ गए हैं.

कल्ट करंट डेस्क
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04 Jan 2020
Solar farm during sunset

प्रदूषण के मामले में दिल्ली अब विश्व के उन शहरों में शामिल हो गया है, जिसे रेड जोन घोषित किया गया है और ऐसे हालात में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 11 संयंत्र कोयले से चल रहे हैं. ये सभी 11 संयंत्र फिर से समीक्षा के घेरे में आ गए हैं. कोयले से चलने वाले इन संयंत्रों को चेतावनी दी गई थी कि अगर इन्होंने साल के अंत तक सल्फर ऑक्साइड से होने वाले उत्सर्जन को कम करने वाले उपकरण नहीं लगाए तो इन्हें बंद कर दिया जाएगा. लेकिन नए साल की शुरुआत हो चुकी है और ये संयंत्र अभी तक वैसे ही चल रहे हैं. नई दिल्ली के आस पास बिजली के संयंत्र चलाने वाली कंपनियों के कम से कम तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं कि उपकरण लगाए बिना वो पहले की ही तरह संयंत्रों को चला सकते हैं या नहीं. इन 11 संयंत्रों में से सिर्फ एक ने उपकरण लगवाया है.



पहले इन संयंत्रों को बंद करने की आखिरी तिथि 31 दिसंबर 2017 ही थी, पर बाद में इसे आगे बढ़ा दिया गया था. इससे फेफड़ों की बीमारी पैदा करने वाले और वायु की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदूषण से लड़ने वाली एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई थी. भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने इन संयंत्रों को निर्देश ना मानने पर बंद करने की चेतावनी दी थी. अब जब आखिरी तिथि बीत चुकी है तो सीपीसीबी का अभी तक इस विषय पर कोई बयान नहीं आया है. समाचार एजेंसी के बार बार फोन करने और टेक्स्ट संदेश भेजने पर भी सीपीसीबी के अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. पिछले महीने समाचार एजेंसी रायटर्स ने खबर दी थी की भारत में कोयले से चलने वाले ऊर्जा संयंत्रों में से आधे और कोयले से चलने वाले अन्य संयंत्रों में से 94 प्रतिशत संयंत्र आखिरी तिथि तक उत्सर्जन कम करने वाला उपकरण लगा पाने की स्थिति में नहीं लग रहे हैं. पहली जनवरी को राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता का सूचकांक "गंभीर" स्तर पर था, जैसा कि इस बारे जाड़े में अधिकतर दिनों पर रहा. यह स्वस्थ लोगों के लिए भी एक संभावित खतरा है.