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ऑस्कर में कमल! साउथ का स्टार, अब ग्लोबल मंच पर

हाल ही में ठग लाइफ जैसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बावजूद, दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कमल हसन यह साबित कर रहे हैं कि असली स्टारडम किसी एक फिल्म की किस्मत से नहीं आँका जाता।

कल्ट करंट डेस्क
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30 Jun 2025
Solar farm during sunset

हाल ही में ठग लाइफ जैसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बावजूद, दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कमल हसन यह साबित कर रहे हैं कि असली स्टारडम किसी एक फिल्म की किस्मत से नहीं आँका जाता। अपनी एक भव्य वापसी में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा की सर्वोच्च संस्था—एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज़ (ऑस्कर देने वाली संस्था)—की सदस्यता के लिए आमंत्रित किया गया है।

26 जून को एकेडमी ने अपने 'क्लास ऑफ 2025' की घोषणा की, जिसमें दुनिया भर से 534 फिल्म पेशेवरों को चुना गया है। इनमें भारत से तीन प्रमुख नाम शामिल हैं—कमल हसन, बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना, और फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया, जिन्होंने हाल ही में कान्स 2024 में ग्रां प्री पुरस्कार जीता है। 

हसन और खुराना को एक्टर्स ब्रांच के लिए आमंत्रित किया गया है, उनके उल्लेखनीय कार्यों—विक्रम, नायकन, आर्टिकल 15, और अंधाधुन—की मान्यता स्वरूप। वहीं, पायल कपाड़िया को अ नाइट ऑफ नोइंग नथिंग और ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट जैसी प्रशंसित फिल्मों के लिए राइटर्स ब्रांच में जगह मिली है।

एकेडमी के सीईओ बिल क्रैमर और प्रेसिडेंट जैनेट यांग ने अपने बयान में कहा:

'इन असाधारण व्यक्तियों ने सिनेमा और फिल्म उद्योग में अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से वैश्विक फिल्म निर्माण में अमिट योगदान दिया है।'

गौरतलब है कि एकेडमी की सदस्यता किसी खुली आवेदन प्रक्रिया से नहीं मिलती, बल्कि यह केवल निमंत्रण द्वारा दी जाती है—जो कि किसी व्यक्ति के फिल्म उद्योग में प्रभाव और साथियों द्वारा पहचान के आधार पर होती है। इस वर्ष की सूची में कमल हसन के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सितारे एरियाना ग्रांडे, किएरन काल्किन, और मिकी मैडिसन भी शामिल हैं, साथ ही डिज़्नी, सोनी, और MUBI जैसे बड़े स्टूडियोज़ के प्रमुख भी।

कमल हसन के लिए यह केवल एक आमंत्रण नहीं, बल्कि उनके दशकों लंबे सिनेमाई योगदान की वैश्विक स्वीकृति है। हालिया झटका भले ही उन्हें मिला हो, लेकिन उनका प्रभाव, उनकी कला और उनकी प्रतिष्ठा आज भी दुनिया भर में सम्मानित है।

जब भारत का सिनेमा वैश्विक मंच पर अपने पंख फैला रहा है, तब कमल हसन की यह यात्रा एक बात की याद दिलाती है—

'महानायक कभी फीके नहीं पड़ते—वे समय के साथ और भी निखरते हैं।'