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FDI नियमों में ढील और चीनी निवेश का मुद्दा

चीनी लूपहोल,क्या प्रेस नोट 3 में ढील से ₹4,895 करोड़ का FDI आया?

कल्ट करंट डेस्क
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26 Aug 2026
Solar farm during sunset

केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि भारत को पिछले कुछ महीनों में ₹4,895 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ है। यह निवेश उन कंपनियों से आया है जिन्हें FDI नियमों में हाल ही में दी गई छूट का लाभ मिला है।



अप्रैल 2020 में जारी 'प्रेस नोट 3' के तहत, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले किसी भी देश (जैसे चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि) से आने वाले निवेश के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान संकटग्रस्त भारतीय कंपनियों के टेकओवर को रोकना था।



मार्च 2026 में, सरकार ने इस नियम में थोड़ा ढील दी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि किसी विदेशी संस्था में सीमावर्ती देशों की हिस्सेदारी 10% से कम (गैर-नियंत्रणकारी) है, तो वह स्वचालित मार्ग (Automatic Route) से भारत में निवेश कर सकती है।



10 अगस्त 2026 तक इस छूट के तहत ₹4,895.65 करोड़ की 29 FDI परियोजनाओं की सूचना प्राप्त हुई है। यह निवेश आईटी, एआई, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में मॉरीशस, अमेरिका, जापान और सिंगापुर जैसे देशों से आया है।



यद्यपि यह राशि भारत को प्राप्त होने वाले कुल वार्षिक FDI के 1% से भी कम है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि ये नए दिशानिर्देश व्यापार में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देंगे और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत के एकीकरण को गति देंगे।