BRICS शिखर सम्मेलन के समानांतर आयोजित 'भारत इनोवेट्स एक्सपो' में भारतीय टेक-पारिस्थितिकी तंत्र ने वैश्विक पटल पर अपनी मजबूत धाक जमाई। इस एक्सपो में देश के शीर्ष 37 डीप-टेक (Deep-Tech) इनोवेशन प्रदर्शित किए गए, जिन्होंने सम्मेलन में आए विदेशी प्रतिनिधियों और टेक-विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण एआई-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग टूल (AI Cancer Screening) रहा, जो शुरुआती चरणों में ही बेहद कम लागत पर सटीक निदान करने में सक्षम है। इसके अलावा, मरीन रोबोटिक्स और स्वायत्त समुद्री ड्रोन (Autonomous Marine Drones) के प्रोटोटाइप्स ने तटीय सुरक्षा और समुद्री अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की तकनीकी प्रगति को जगजाहीर किया।
इन प्रौद्योगिकियों की खास बात यह है कि ये केवल लैब तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार की गई हैं। ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने इन स्वदेशी तकनीकों को अपने देशों की परिस्थितियों के अनुकूल अपनाकर संयुक्त उद्यम (Joint Ventures) शुरू करने में गहरी रुचि दिखाई है।
यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर सेवाओं (IT Services) का आउटसोर्सिंग हब नहीं रहा, बल्कि वह मौलिक शोध, डीप-टेक और हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर के आधुनिक एकीकरण का वैश्विक केंद्र बन रहा है। पेटेंट फाइलिंग से लेकर कमर्शियल रोलआउट तक भारतीय स्टार्टअप्स अब दुनिया को राह दिखा रहे हैं।
'भारत इनोवेट्स एक्सपो' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 21वीं सदी की तकनीकों का नेतृत्व करने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। यह एक्सपो न केवल भारतीय युवाओं की प्रतिभा का उत्सव था, बल्कि इसने भारत को 'ग्लोबल इनोवेशन हब' के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।