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विवेक तिवारी हत्याकांड: लखनऊ कोर्ट का फैसला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में आठ साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। लखनऊ जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304) का दोषी ठहराया है

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
18 Sep 2026
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में आठ साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। लखनऊ जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304) का दोषी ठहराया है, जबकि सह-आरोपी सिपाही संदीप कुमार को मामले से बरी कर दिया गया है। अदालत 21 सितंबर को दोषी प्रशांत चौधरी की सजा की अवधि की घोषणा करेगी।

​यह दुखद घटना सितंबर 2018 में लखनऊ के गोमती नगर विस्तार इलाके में हुई थी, जब एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी को घर छोड़ने जा रहे थे। गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकने का इशारा किया और विवाद के दौरान सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी पर अपनी सर्विस पिस्टल से गोली चला दी, जिससे उनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआती चार्जशीट में हत्या की धारा 302 लगाई थी।

​अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार ने असंतोष व्यक्त किया है। विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक प्रशिक्षित पुलिसकर्मी द्वारा सीधे गोली चलाना कोई असावधानी नहीं बल्कि हत्या थी। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले से निराश हैं और सह-आरोपी की बरी होने व धाराएं हल्की किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय (High Court) में अपील दायर करेंगी।

​दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि गोली आत्मरक्षा और अनजाने में चलाई गई थी, जिसके आधार पर कोर्ट ने IPC 302 (हत्या) के स्थान पर IPC 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दोषसिद्धि तय की। मामला आठ साल तक चले लंबे मीडिया और कानूनी ट्रायल के बाद एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है, जिसने खाकी वर्दी की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े किए थे।

​यह मामला उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली, बल प्रयोग की सीमाओं और नागरिक सुरक्षा को लेकर एक मील का पत्थर रहा है। पीड़ित परिवार अब कानूनी सलाह लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।