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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 'ऑपरेशन सोहन': आतंकवाद विरोधी अभियान और सुरक्षा की चुनौतियाँ

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के घने जंगलों में सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किया गया 'ऑपरेशन सोहन' इस समय क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
25 Sep 2026

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के घने जंगलों में सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किया गया 'ऑपरेशन सोहन' इस समय क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। खुफिया जानकारी मिली थी कि उधमपुर के ऊपरी पहाड़ी और जंगली इलाकों में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों का एक समूह छिपा हुआ है। इस इनपुट के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त दस्तों ने पूरे इलाके को घेरकर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

अभियान के दौरान जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध ठिकानों के करीब पहुँचे, झाड़ियों में छिपे आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की और आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया। घने जंगल, ऊँचे पहाड़ और धुंध भरे मौसम के कारण यह मुठभेड़ बेहद चुनौतीपूर्ण मोड़ पर पहुँच गई। सुरक्षाबलों ने आधुनिक ड्रोन, नाइट-विज़न उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद से आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं।

उधमपुर का यह पहाड़ी क्षेत्र रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। घाटी में सुरक्षाबलों के कड़े पहरे के चलते आतंकवादी अब जम्मू संभाग के इन दुर्गम और घने इलाकों को अपने नए ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। 'ऑपरेशन सोहन' का मुख्य उद्देश्य न केवल इन छिपे हुए आतंकियों का सफाया करना है, बल्कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के इस नए पैटर्न और स्थानीय मददगारों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना भी है।

इस एनकाउंटर ने स्थानीय निवासियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की अहमियत को एक बार फिर साबित किया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई सतर्कतापूर्ण सूचनाओं ने ही सुरक्षाबलों को इस सटीक कार्रवाई में मदद की। हालांकि, गोलाबारी के चलते आसपास के गांवों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने या जंगलों की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। सेना का संकल्प है कि जब तक आखिरी आतंकी को ढेर नहीं कर दिया जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा।

'ऑपरेशन सोहन' यह संदेश देता है कि भारतीय सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की किसी भी साज़िश को सफल नहीं होने देंगे। दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद सेना का साहस और नई तकनीक का संयोजन आतंकवादियों के मंसूबों पर पानी फेर रहा है। यह मुठभेड़ यह भी स्पष्ट करती है कि सीमा पार बैठे आका भले ही रणनीति बदलें, लेकिन भारत की सुरक्षा प्रणाली हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तत्पर है।