देश के प्रौद्योगिकी, विज्ञान और औद्योगिक परिदृश्य से आज एक बेहद गौरवशाली और क्रांतिकारी राष्ट्रीय खबर सामने आई है। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरू और स्वदेशी डीप-टेक स्टार्ट-अप्स के वैज्ञानिकों ने मिलकर भारत की पहली पूर्ण रूप से विकसित 64-क्यूबिट 'क्वांटम कंप्यूटिंग चिप' (Quantum Computing Chip) का निर्माण और सफल परीक्षण पूरा कर लिया है।
इस तकनीक के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा 5 विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी स्वदेशी क्वांटम प्रोसेसर तकनीक मौजूद है।
भारतीय आर्थिक और तकनीकी परिप्रेक्ष्य में यह वैज्ञानिक उपलब्धि 'डिजिटल इंडिया' और उच्च-तकनीकी विनिर्माण के लिए एक बहुत बड़ी छलांग है। अब तक सुपरकंप्यूटिंग और अत्यधिक जटिल गणनाओं के लिए भारत को अमेरिकी या यूरोपीय टेक कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस क्वांटम चिप का इस्तेमाल रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, एआई डेवलपमेंट और एडवांस मेडिसिन अनुसंधान में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इससे डेटा सुरक्षा और एन्क्रिप्शन का एक नया अभेद्य युग शुरू होगा।
मंत्रिमंडल और विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वैज्ञानिक टीम को बधाई देते हुए 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' के तहत अगले चरण के लिए अतिरिक्त ₹8,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की भी घोषणा की है।
यह ऐतिहासिक वैज्ञानिक उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि 21वीं सदी के तकनीकी परिदृश्य पर भारत अब केवल विदेशी तकनीकों का उपभोग करने वाला देश नहीं, बल्कि क्रांतिकारी खोजों का जनक बन रहा है।
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