भारत सरकार की सबसे सफल और लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' (PMSBY) एक बार फिर चर्चा में है। मात्र 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देने वाली यह योजना देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए एक बहुत बड़ा सहारा साबित हो रही है। हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से जुड़ने वाले लाभार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण और असंगठित क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्यधिक कम कीमत और आसान प्रक्रिया है। आज के समय में जब बीमा कंपनियां महंगे प्रीमियम वसूलती हैं, तब 20 रुपये प्रति वर्ष की दर से दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलना एक तरह की सामाजिक क्रांति है। यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते से ऑटो-डेबिट (Auto-debit) के जरिए कट जाती है, जिससे लोगों को कागजी कार्रवाई के झंझट से मुक्ति मिलती है।
भारत जैसे विशाल देश में जहाँ असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) में करोड़ों मजदूरी करने वाले, रिक्शा चालक, किसान और छोटे दुकानदार काम करते हैं, उनके परिवार के लिए मुख्य कमाने वाले की अचानक दुर्घटना में मौत या विकलांगता पूरे परिवार को आर्थिक तबाही की ओर धकेल देती है। ऐसे संकट के समय में पीएमएसबीवाई का दावा (Claim Amount) उनके परिवार को तुरंत आर्थिक संबल प्रदान करता है और उन्हें भुखमरी या कर्ज के जाल में फंसने से बचाता है।
सरकार और बैंकों के संयुक्त प्रयासों से अब दावा भुगतान (Claim Settlement) की प्रक्रिया को भी पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और त्वरित बना दिया गया है। डिजिटल बैंकिंग और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के एकीकरण से अब बीमा की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे पीड़ित परिवार के बैंक खाते में पहुँच जाती है। इससे योजना के प्रति जनता का विश्वास और गहरा हुआ है।
हालाँकि, इस योजना को और अधिक सफल बनाने के लिए दूरदराज़ के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में और ज्यादा जागरूकता अभियानों की जरूरत है। देश के हर नागरिक को एक सामाजिक सुरक्षा जाल (Social Security Net) के तहत लाना सरकार का अंतिम लक्ष्य है। पीएमएसबीवाई जैसी योजनाएं यह साबित करती हैं कि छोटी सी बचत भी अगर सही जगह इस्तेमाल की जाए, तो वह किसी भी परिवार के भविष्य के लिए एक बड़ा रक्षा कवच बन सकती है।