चीन के मोकी (Moqi) में आयोजित महिला जूनियर एशिया कप 2026 में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने अपने आक्रामक खेल से इतिहास रच दिया। क्वार्टर फाइनल के एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान की टीम को 19-0 के विशाल अंतर से पराजित कर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत की इस अभूतपूर्व और एकतरफा जीत ने टूर्नामेंट में उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
शुरुआती मिनटों से ही भारतीय फॉरवर्ड्स ने पाकिस्तानी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मैच के चारों क्वार्टर्स में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी तरह से दबदबा कायम रखा और एक के बाद एक फील्ड गोल और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। भारतीय अग्रिम पंक्ति के बीच का तालमेल इतना सटीक था कि प्रतिद्वंद्वी टीम के गोलकीपर और डिफेंडरों के पास गोल रोकने का कोई मौका ही नहीं बचा।
इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम लगातार तीसरी बार प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने की ओर मजबूती से बढ़ रही है। भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस, स्पीड और बॉल कंट्रोल की तारीफ अंतरराष्ट्रीय हॉकी विशेषज्ञों द्वारा भी की जा रही है। टीम के मुख्य कोच ने कहा कि खिलाड़ियों ने रणनीति के अनुसार शत-प्रतिशत प्रदर्शन किया और यह जीत टीम के कठिन परिश्रम का परिणाम है।
मैच के बाद भारतीय टीम का अगला मुकाबला सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए भारतीय टीम ने अब तक सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। भारतीय हॉकी महासंघ (HI) ने इस ऐतिहासिक जीत पर पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ को बधाई दी है और नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
इस शानदार प्रदर्शन ने देश में महिला हॉकी के प्रति उत्साह को और बढ़ा दिया है। जूनियर स्तर पर इस तरह का दबदबा यह दर्शाता है कि भारत में महिला हॉकी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। प्रशंसक अब उम्मीद जता रहे हैं कि भारतीय बेटियां इसी फॉर्म को बरकरार रखते हुए जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम करेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी।