भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान द्वारा दिए गए 160 रनों के लक्ष्य को महज 14.5 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 'फ्रेंडशिप कप 2026' सीरीज अपने नाम कर ली है।
दूसरे मैच की सबसे बड़ी खासियत भारतीय युवा बल्लेबाजों का आक्रामक और निडर रुख रहा। संजू सैमसन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 22 गेंदों में 57 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (39 रन) के साथ मिलकर उन्होंने पावरप्ले में ही 82 रन जोड़कर मैच को एकतरफा बना दिया। गेंदबाजी में युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए।
आज खेला जाने वाला तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला भारतीय टीम प्रबंधन के लिए अपनी बेंच स्ट्रेंथ (Bench Strength) को आजमाने का शानदार मौका है। सीरीज पहले ही जेब में होने के कारण मुख्य कोच और कप्तान अंतिम एकादश में कुछ नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं। टी20 विश्व कप और आगामी अंतर्राष्ट्रीय दौरों को ध्यान में रखते हुए टीम रिजर्व खिलाड़ियों की मैच-फिटनेस और दबाव में खेलने की क्षमता का आकलन करना चाहती है।
अफगानिस्तान की टीम के लिए यह दौरा काफी निराशाजनक रहा है। राशिद खान की कप्तानी वाली टीम से जिस कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा रही थी, वह मैदान पर दिखाई नहीं दी। स्पिन गेंदबाजी पर अत्यधिक निर्भरता और मध्यक्रम की निरंतर नाकामी टीम की हार का मुख्य कारण बनी है। आज के मैच में अफगान टीम क्लीन स्वीप से बचने और अपनी साख बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
निष्कर्षतः, भारत का यह हालिया प्रदर्शन देश में टी20 क्रिकेट की गहराई को दर्शाता है। वरिष्ठ खिलाड़ियों की अनुपस्थिति या आराम के बावजूद युवा ब्रिगेड का यह निर्भीक प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल और सशक्त भविष्य की स्पष्ट गवाही देता है।