भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'दादासाहेब फाल्के पुरस्कार' के लिए कन्नड़ और भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता अनंत नाग को चुना गया है। पांच दशकों से भी अधिक लंबे अपने शानदार करियर में अनंत नाग ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा और सहज अभिनय शैली से दर्शकों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
अनंत नाग ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत रंगमंच से की थी और बाद में उन्होंने श्याम बेनेगल की प्रसिद्ध फिल्मों जैसे 'अंकुर', 'निशांत' और 'मंथन' के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा, विशेषकर कन्नड़ फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने में एक मुख्य और ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उनके द्वारा निभाए गए कालजयी किरदार आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। लोकप्रिय टीवी शो 'मालगुडी डेज़' में उनके द्वारा जीवंत किए गए पात्रों को भारतीय दर्शक कभी नहीं भूल सकते। इसके अलावा कई व्यावसायिक और कलात्मक फिल्मों में उनके अभिनय को आलोचकों द्वारा हमेशा खूब सराहा गया है।
फिल्म बिरादरी और देशभर के प्रशंसकों ने इस राष्ट्रीय घोषणा पर भारी प्रसन्नता व्यक्त की है। दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक के कलाकारों और निर्देशकों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं। कला जगत के लोगों का कहना है कि यह सम्मान एक ऐसे अभिनेता को मिला है जिसने सिनेमा की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
पुरस्कार की घोषणा पर अनंत नाग ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस सम्मान को अपने दर्शकों, सह-कलाकारों और उन सभी निर्देशकों को समर्पित किया जिन्होंने उनके दशकों लंबे सफर में उनका मार्गदर्शन किया। यह सम्मान भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम युग के सशक्त स्तंभ की अनवरत साधना की राष्ट्रीय स्वीकारोक्ति है।