भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च सम्मान 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) समारोह का भव्य शुभारंभ गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के साये में हुआ। यह पहला अवसर है जब इस भव्य समारोह का आयोजन राजधानी दिल्ली से बाहर किसी ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल पर किया जा रहा है। देश भर के नामी-गिरामी कलाकारों, निर्देशकों, तकनीशियनों और सिनेमा जगत की हस्तियों के जमावड़े ने एकता नगर को एक जगमगाती सांस्कृतिक शाम में बदल दिया।
इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन एकता नगर में किया जाना भारतीय सिनेमा और देश की सांस्कृतिक विविधता को एक नया आयाम देता है। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी जैसे भव्य स्थल पर सिनेमा के दिग्गजों का जुटना यह संदेश देता है कि भारतीय कला और संस्कृति देश के हर कोने में समान रूप से रचती-बसती है। समारोह स्थल पर रेड कार्पेट से लेकर मुख्य मंच तक को भारतीय लोक कला और आधुनिक भव्यता के अनूठे संगम के साथ सजाया गया, जिसने वहां मौजूद हर मेहमान का दिल जीत लिया।
समारोह के दौरान देश की विभिन्न भाषाओं—हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, मराठी और असमिया की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की सबसे बड़ी खासियत यही रही है कि ये केवल व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों को ही नहीं, बल्कि सार्थक, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी और तकनीकी रूप से उत्कृष्ट कृतियों को भी उनका वास्तविक हक दिलाते हैं। इस मंच पर क्षेत्रीय सिनेमा और मुख्यधारा के सिनेमा का खूबसूरत मेल देखने को मिल रहा है।
समारोह में भारतीय सिनेमा के विकास और उसकी वैश्विक यात्रा पर तैयार की गई विशेष प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। केंद्रीय मंत्रियों और राज्य के गणमान्य अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय फिल्म उद्योग के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि फिल्में समाज का दर्पण हैं और देश की कहानियों को दुनिया के सामने लाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर भारतीय सिनेमा की विविध विधाओं के योगदानकर्ताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का एकता नगर में यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की ऐतिहासिक विरासत और उसकी भविष्य की दिशा का उत्सव है। इस आयोजन ने गुजरात के इस पर्यटन स्थल को एक नया सांस्कृतिक क्षितिज दिया है। आने वाले दिनों में एकता नगर में हुए इस भव्य और यादगार आयोजन की चर्चा न केवल फिल्म उद्योग में होगी, बल्कि यह भविष्य के ऐसे बड़े आयोजनों के लिए एक नया मानदंड भी स्थापित करेगा।