एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शॉटगन की स्कीट महिला टीम स्पर्धा में भारत की तिगड़ी—रजिया ढिल्लों, महेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल—ने अपनी बेहतरीन निरंतरता का परिचय देते हुए देश के लिए कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता। इस पदक के साथ ही भारत ने निशानेबाजी में अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता को एक बार फिर वैश्विक मंच पर साबित किया है।
फाइनल राउंड की कड़ी स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों ने कुल मिलाकर सटीक निशाना साधते हुए 352 अंकों का स्कोर दर्ज किया। चीन की टीम ने स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने रजत पदक अपने नाम किया, जबकि भारतीय तिगड़ी ने कजाकिस्तान की मजबूत टीम को पछाड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। दबाव के क्षणों में तीनों खिलाड़ियों के बीच का तालमेल और मानसिक मजबूती ही इस पदक की मुख्य वजह बनी।
विशेष रूप से महेश्वरी चौहान ने इस मुकाबले में अद्भुत धैर्य का परिचय दिया और अपनी सीरीज में लगातार सटीक शॉट्स लगाए। वहीं रजिया और परिनाज ने महत्वपूर्ण मोड़ों पर अंक जुटाकर टीम के कुल स्कोर को कांस्य पदक की रेस में बनाए रखा। शॉटगन स्पर्धा में एशियाई देशों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह पोडियम फिनिश अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत में नेशनल राइफल एसोसिएशन (NRAI) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रशिक्षण शिविरों और विदेशी कोचों के मार्गदर्शन का परिणाम अब साफ दिखाई दे रहा है। निशानेबाजी में लगातार मिल रहे पदक यह दर्शाते हैं कि भारतीय एथलीट अब विश्व स्तर के बुनियादी ढांचे और मानसिक दृढ़ता के साथ मैदान में उतर रहे हैं।
महिला स्कीट निशानेबाजी में मिला यह कांस्य पदक भारत की महिला एथलीटों की बढ़ती शक्ति का एक और उदाहरण है। यह उपलब्धि न केवल युवाओं को निशानेबाजी जैसे व्यक्तिगत और तकनीकी खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि आगामी ओलंपिक खेलों के लिए भी भारतीय शॉटगन दल के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगी।