यूरोपीय संघ के प्रमुख देश फ्रांस में महंगाई, गिरते जीवन स्तर और सरकारी प्राथमिकताओं के खिलाफ जन-असंतोष ने एक भयंकर उग्र रूप ले लिया है। राजधानी पेरिस सहित फ्रांस के कई बड़े शहरों में 4 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में भारी पथराव, आगजनी और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबरें आई हैं। बिगड़ते हालातों के बीच अब तक करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फ्रांसीसी अधिकारियों ने पूरे देश में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है, लेकिन विरोध की यह लहर अब अन्य यूरोपीय देशों तक फैलती दिख रही है। इटली के मिलान शहर में भी व्यापक जन-आक्रोश को देखते हुए सड़कों पर 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है। पूरे यूरोप की सड़कें इस समय आम नागरिकों की आर्थिक तंगी और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ एक बहुत बड़े राजनीतिक मैदान में बदल चुकी हैं।
भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो यूरोप में भड़कती यह आंतरिक सामाजिक और आर्थिक अशांति भारतीय व्यापार के लिए चिंता की एक बड़ी घंटी है। यूरोपीय संघ भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। यदि फ्रांस और यूरोपीय देशों में आम नागरिकों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) टूटती है, तो भारत से यूरोप भेजे जाने वाले कपडे, आईटी सेवाओं, चमड़े और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में बड़ी गिरावट आ सकती है।
इसके अलावा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रहे 'मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) की वार्ताओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। यूरोपीय देश जब अपने ही देश में बड़े पैमाने पर जनाक्रोश और आर्थिक असंतोष से जूझ रहे होते हैं, तो वे अपनी व्यापार नीतियों को अधिक संरक्षणवादी (Protectionist) बनाने लगते हैं, जो भारत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
व्यावसायिक दृष्टि से, फ्रांस में जारी इस पूर्ण हड़ताल और लॉजिस्टिक्स की रुकावट के कारण यूरोपीय बाजारों में भारतीय सामानों की डिलीवरी में भी देरी हो रही है। भारतीय निर्यातकों को अब अपने मार्जिन को बचाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पेरिस और यूरोप के अन्य शहरों में भड़की यह आग यह दर्शाती है कि पश्चिमी दुनिया में महंगाई किस कदर आम जनता पर भारी पड़ रही है। भारतीय नीति निर्माताओं के लिए यह स्थिति एक संदेश है कि अपनी अर्थव्यवस्था को केवल यूरोपीय बाजारों पर निर्भर न रखकर अन्य उभरते बाजारों की तरफ तेजी से बढ़ाना होगा।
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