दक्षिण एशियाई भू-राजनीति, भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंधों और पड़ोसी प्रथम (Neighbourhood First) नीति के मोर्चे से आज नई दिल्ली और काठमांडू के कूटनीतिक गलियारों से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह अपनी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा पर 22 नवंबर 2026 को भारत के औपचारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँच रहे हैं। काठमांडू के मेयर पद से सीधे देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुँचे बालेंद्र शाह का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
अपनी इस चार दिवसीय ऐतिहासिक भारत यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में भारत-नेपाल सीमा पार रेल कनेक्टिविटी, महाकाली नदी पर संयुक्त जलविद्युत परियोजनाओं, डिजिटल भुगतान प्रणालियों (UPI Integration) और द्विपक्षीय व्यापारिक समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की पूरी संभावना है।
भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में चीन द्वारा नेपाल में बढ़ाए जा रहे आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव के बीच नेपाल के नए नेतृत्व द्वारा अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुनना एक बहुत बड़ा रणनीतिक संदेश है। यह यात्रा साबित करती है कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध (रोटी-बेटी का रिश्ता) किसी भी बाहरी राजनीतिक प्रभाव से कहीं अधिक मजबूत और अटूट बने हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे के दौरान भारत द्वारा नेपाल में कई नए 'क्विक इम्पैक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स' (Quick Impact Projects) और स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्र में वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की जा सकती है। इससे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर में सीधा सुधार आएगा और द्विपक्षीय व्यापार को नया आयाम मिलेगा।
यह कूटनीतिक प्रगति यह दर्शाती है कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ पारस्परिक विश्वास, साझा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के सिद्धांतों पर आधारित एक मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी का निर्माण करने में पूरी तरह सफल हो रहा है।
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