साइबर फ्रॉड और वित्तीय अपराधों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 113 करोड़ रुपये के बहुचर्चित क्रिप्टो करेंसी घोटाले के मुख्य सूत्रधार को गिरफ्तार कर लिया है। यह मास्टरमाइंड पिछले 8 सालों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और अपनी पहचान बदलकर देश के विभिन्न राज्यों में छिपकर रह रहा था। आरोपी ने एक फर्जी डिजिटल टोकन (Crypto Token) और पोंजी स्कीम बनाई थी, जिसके माध्यम से उसने देश भर के हजारों सीधे-सादे निवेशकों को बहुत कम समय में पैसा दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया था।
आरोपी ने शुरुआती दिनों में निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए एक भव्य डिजिटल मार्केटिंग अभियान चलाया था और फर्जी वेब सेमिनार आयोजित किए थे। उसने अपने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म को भविष्य की सबसे बड़ी ब्लॉकचेन क्रांति के रूप में प्रचारित किया। शुरुआती निवेशकों को भारी मुनाफा (Return) दिखाकर उसने बाजार में अपना जाल फैलाया, जिससे आकर्षित होकर हजारों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई इस फर्जी क्रिप्टो स्कीम में लगा दी। जब निवेशकों का कुल फंड 113 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया, तो आरोपी ने अचानक अपनी वेबसाइट बंद कर दी और सभी डिजिटल वॉलेट्स से पैसे निकालकर फरार हो गया।
जांच एजेंसियों ने इस मामले को सुलझाने के लिए उन्नत डिजिटल फॉरेंसिक और ब्लॉकचेन ट्रैकिंग टूल का उपयोग किया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन और सेल फोन नंबर बदल रहा था, लेकिन उसके एक बेनामी डिजिटल ट्रांजैक्शन का सुराग मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने उसे धर दबोचा। जांच के दौरान पुलिस ने उसके दर्जनों बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और कई क्रिप्टोग्राफिक वॉलेट्स को फ्रीज कर दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी से जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों और हवाला नेटवर्क के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
यह मामला क्रिप्टो करेंसी और अनियंत्रित डिजिटल संपत्तियों (Unregulated Digital Assets) में निवेश के खतरों को एक बार फिर उजागर करता है। सरकार और वित्तीय नियामक संस्थाएं (जैसे RBI और SEBI) लगातार नागरिकों को बिना लाइसेंस वाली क्रिप्टो योजनाओं और रातों-रात अमीर बनाने का दावा करने वाले ऐप्स से दूर रहने की चेतावनी देती रही हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी डिजिटल स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच कर लें। इस गिरफ्तारी से ठगी के शिकार हुए हजारों पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।