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SBI की नई डिजिटल पहल: UPI हिस्ट्री के आधार पर मिलेगा प्री-अप्रूव्ड लोन

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए एक क्रांतिकारी डिजिटल सेवा शुरू की है। अब ग्राहकों को बिना किसी लंबे कागजी काम (Paperwork) या बैंक शाखा के चक्कर काटे बिना

कल्ट करंट डेस्क
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12 Sep 2026
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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए एक क्रांतिकारी डिजिटल सेवा शुरू की है। अब ग्राहकों को बिना किसी लंबे कागजी काम (Paperwork) या बैंक शाखा के चक्कर काटे बिना, केवल अपने UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और पेमेंट बिहेवियर के आधार पर तुरंत प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन मिल सकेगा।

इस सेवा के पीछे सबसे बड़ा आधार बैंक का उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स एल्गोरिदम है। यह सिस्टम ग्राहक की आय के प्रवाह, बिल भुगतान की निरंतरता और यूपीआई के ज़रिए होने वाले नियमित लेन-देन का विश्लेषण करता है। क्रेडिट स्कोर के पारंपरिक मापदंडों से आगे बढ़कर यह डिजिटल प्रोफाइलिंग ग्राहकों की वास्तविक वित्तीय क्षमता का सटीक आकलन करती है।

इस नई प्रक्रिया से लोन अप्रूवल की अवधि घटकर महज़ कुछ सेकंड रह गई है। योनो (YONO) ऐप के माध्यम से ग्राहक अपनी स्वीकृत लोन राशि को कुछ ही क्लिक्स में सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। छोटे दुकानदारों, फ्रीलांसर्स और वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए यह अचानक आई वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने का एक बेहद सुलभ माध्यम बनेगा।

इसके साथ ही, बैंक ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हर ट्रांजैक्शन बहुस्तरीय बायोमेट्रिक और ओटीपी सत्यापन से गुज़रेगा, जिससे किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी की गुंजाइश न के बराबर रहे। डेटा गोपनीयता को बनाए रखने के लिए बैंक ने केवल ग्राहक की सहमति से ही यूपीआई डेटा विश्लेषण करने का प्रावधान रखा है।

SBI का यह कदम देश में 'रिटेल क्रेडिट' का लोकतांत्रीकरण करने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर है। बैंकिंग सेक्टर में यह नवाचार न केवल वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देगा, बल्कि अनौपचारिक लोन बाज़ार (Local Money Lenders) पर लोगों की निर्भरता को भी काफी हद तक समाप्त कर देगा।