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आजमगढ़ में अंधाधुंध गोलीबारी: घरेलू विवाद में ख़ूनी खेल और सामाजिक ताने-बाने का बिखराव

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से पारिवारिक कलह के चलते हुई अंधाधुंध गोलीबारी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक घरेलू विवाद इस कदर हिंसक रूप ले बैठा कि आरोपी ने आपा खोते हुए अपनी ही पत्नी

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
25 Sep 2026
Solar farm during sunset

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से पारिवारिक कलह के चलते हुई अंधाधुंध गोलीबारी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक घरेलू विवाद इस कदर हिंसक रूप ले बैठा कि आरोपी ने आपा खोते हुए अपनी ही पत्नी, मासूम बेटे और घर में पूजा कराने आए दो पुरोहितों पर गोलियाँ बरसा दीं। सरेआम हुई इस ख़ूनी वारदात से इलाके में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मच गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की आला टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट मौके पर पहुँचे। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। घटना के दिन घर में अनुष्ठान चल रहा था, तभी बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी ने अपने लाइसेंसी असलहे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

यह घटना दिखाती है कि कैसे गुस्सा और मानसिक तनाव इंसान को इस कदर अंधा बना देता है कि वह अपने ही खून और निर्दोष लोगों की जान का दुश्मन बन बैठता है। धार्मिक कार्य के लिए आए पुरोहितों का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन वे भी इस सिरफिरे सिरहन का शिकार बन गए। समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव और अवैध या लाइसेंसी असलहों के बेधड़क इस्तेमाल पर यह घटना बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है और मामले की त्वरित सुनवाई के लिए केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेजने की बात कही है।

यह दिल दहला देने वाली वारदात समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि घरेलू मतभेदों को संवाद और कानूनी मध्यस्थता से सुलझाने के बजाय हिंसा का रास्ता चुनना कितना भयानक हो सकता है। यह घटना पारिवारिक मूल्यों के क्षरण और आवेग में लिए गए आत्मघाती फैसलों के दर्दनाक नतीजों की एक भयावह मिसाल है।