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मारुति का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट शुरू: ऑटोमोबाइल उद्योग में स्वच्छ ऊर्जा का नया सवेरा

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन (Green Mobility) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को पूरी तरह से 'ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी'

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
25 Sep 2026
Solar farm during sunset

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन (Green Mobility) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को पूरी तरह से 'ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी' (Green Hydrogen) पर संचालित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू कर दी है। कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने (Net-Zero Emissions) के वैश्विक लक्ष्यों के तहत मारुति का यह प्रोजेक्ट भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी अपने कार कारखानों में बिजली आपूर्ति और मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं (जैसे पेंट शॉप और असेंबली लाइन) के लिए पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) को हटाकर ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करेगी। इसके लिए मारुति ने प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के साथ करार किया है ताकि प्लांट परिसर में ही हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र और सोलर-पवन ऊर्जा स्टेशन स्थापित किए जा सकें।

मारुति के इस कदम का सीधा असर गाड़ियों के उत्पादन लागत और पर्यावरण पर पड़ेगा। कंपनी न केवल अपनी विनिर्माण प्रक्रिया को प्रदूषण-मुक्त बना रही है, बल्कि भविष्य में 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल व्हीकल्स' (FCV) के निर्माण के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में भी भारी निवेश कर रही है। इससे आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के अलावा हाइड्रोजन से चलने वाली सस्ती कारें भारतीय सड़कों पर उतर सकती हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों और केंद्र सरकार ने मारुति के इस ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट की सराहना की है। भारत सरकार के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' (National Green Hydrogen Mission) को सफल बनाने में इस तरह के बड़े कॉर्पोरेट पहल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह प्रोजेक्ट देश की कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।

निष्कर्षतः, मारुति का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट यह संदेश देता है कि भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर अब केवल कारें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह टिकाऊ और स्वच्छ भविष्य के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह पहल अन्य मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भी ग्रीन एनर्जी अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।