देश के प्रशासनिक सेवा गलियारों, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और नौकरशाही के मोर्चे से आज की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर राजस्थान की राजधानी जयपुर से आई है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और अनुपातहीन संपत्ति के गंभीर आरोपों के बीच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी आईपीएस पत्नी को तुरंत प्रभाव से एपीओ (APO - पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में) कर दिया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा जारी गहन जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस नौकरशाह दंपती ने महज 2.5 वर्षों के कार्यकाल में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 40 से अधिक लग्जरी विला और संपत्तियां खरीदी हैं।
भारतीय प्रशासनिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में इतनी कम अवधि में नौकरशाहों द्वारा जुटाई गई करोड़ों की बेनामी संपत्ति का यह भंडाफोड़ सिविल सेवाओं में जारी भ्रष्टाचार के घिनौने चेहरे को बेनकाब करता है। एसीबी ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी मामले में वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच के लिए पत्र लिखा है।
सरकारी हलकों में इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी बड़े से बड़े अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह सनसनीखेज प्रशासनिक कार्रवाई यह साबित करती है कि जवाबदेही और कानून का शिकंजा उन लोगों पर भी कसा जा रहा है, जो अब तक अपने पदों और रसूख की आड़ में बचे हुए थे।
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