अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पुलिस और आव्रजन (Immigration) अधिकारियों ने एक बड़े फर्जी पासपोर्ट और वीजा रैकेट का पर्दाफाश किया है। फर्जी दस्तावेजों और जाली पासपोर्ट के आधार पर लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने वाले गिरोह के 6 मुख्य सदस्यों को हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे कुछ यात्रियों को बोर्डिंग कराने की कोशिश कर रहे थे।
आव्रजन जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ यात्रियों के पासपोर्ट की प्रिंटिंग और होलोग्राम पर संदेह हुआ। जब उन दस्तावेजों की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि बायोमेट्रिक जानकारी और वीजा स्टैम्प पूरी तरह से फर्जी थे। इसके बाद यात्रियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिससे इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा हुआ।
पकड़े गए एजेंटों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को आसानी से वर्क परमिट और वीजा दिलाने का झांसा देते थे। वे इसके एवज में प्रति व्यक्ति 10 से 15 लाख रुपये वसूलते थे। गिरोह के पास एक अत्याधुनिक लैब थी जहां वे असली जैसे दिखने वाले फर्जी पासपोर्ट, जाली सील और फर्जी वीजा तैयार करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दर्जनों फर्जी पासपोर्ट, जाली रबर स्टैम्प, प्रिंटिंग मशीनें, लैपटॉप और भारी मात्रा में नकद राशि बरामद की है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था और अब तक सैकड़ों लोगों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश भेज चुका था। पुलिस अब उन लोगों की भी सूची बना रही है जो इनके जरिए विदेश गए हैं।
हवाई अड्डा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में कोई सरकारी कर्मचारी या कूरियर एजेंसी भी शामिल थी। मामले की गहराई से जांच जारी है।