भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले ही दिन भारतीय गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी से मेहमान टीम के शीर्ष क्रम को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही और भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद का पूरा फायदा उठाते हुए शुरुआती ओवरों में ही बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। पिच से मिल रही शुरुआती नमी और स्विंग का भारतीय पेस अटैक ने मुस्तैदी से फायदा उठाया, जिससे श्रीलंकाई खेमा पूरी तरह दबाव में नजर आया।
मैच के शुरुआती सेशन में ही भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से श्रीलंकाई सलामी जोड़ी को बांधकर रखा। क्रीज पर पैर जमाने की कोशिश कर रहे सलामी बल्लेबाजों को भारतीय तेज गेंदबाजों ने अपनी स्विंग होती गेंदों से लगातार छकाया। दबाव का परिणाम जल्द ही देखने को मिला जब बाहरी किनारे लेती गेंदें सीधा स्लिप और विकेटकीपर के हाथों में समा गईं। कुछ ही रनों के योग पर श्रीलंका ने अपने मुख्य तीन शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए, जिससे मध्यक्रम पर समय से पहले ही पारी संभालने का भारी दबाव आ गया।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व कर रहे तेज गेंदबाजों को स्पिनरों का भी पूरा समर्थन मिला। कप्तान ने चतुराई से गेंदबाजी में बदलाव करते हुए एक तरफ से स्पिन का जाल बिछाया, जिसने सेट होने की कोशिश कर रहे श्रीलंकाई मध्यक्रम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। भारतीय फील्डरों ने भी मैदान पर मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ बेहतरीन कैच लपके और हाफ-चांस को मौकों में तब्दील किया। पूरी श्रीलंकाई टीम पहले दिन के शुरुआती दो सत्रों के भीतर ही एक-एक रन के लिए तरसती दिखी और उनकी रन गति पर पूरी तरह अंकुश लग गया।
श्रीलंका की ओर से अनुभवी बल्लेबाजों से टीम को उबारने की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की आक्रामक रणनीति और लगातार दबाव के आगे उनकी एक न चली। क्रीज पर टिकने का प्रयास कर रहे बल्लेबाज भी भारतीय स्पिन के चक्रव्यूह में उलझकर अपने विकेट गंवा बैठे। मैच के इस चरण तक भारतीय गेंदबाजों का दबदबा इस कदर हावी हो चुका था कि श्रीलंकाई टीम के लिए एक अदद बड़ी साझेदारी बनाना भी असंभव सा प्रतीत होने लगा।
इस मैच के शुरुआती रुझान का विश्लेषण करें तो भारतीय टीम की यह रणनीति पूरी तरह से योजनाबद्ध और प्रभावी नजर आती है। घरेलू या परिस्थितियों के अनुकूल माहौल में भारतीय गेंदबाजों की यह आक्रामक शैली न केवल विपक्षी टीम का मनोबल तोड़ती है, बल्कि मैच के परिणाम का रुख भी पहले ही दिन तय कर देती है। यदि भारतीय गेंदबाज अपनी इस पकड़ को कायम रखते हुए श्रीलंका को कम स्कोर पर समेटने में सफल रहते हैं, तो यह टेस्ट मैच भारत के पक्ष में एकतरफा झुकाव ले सकता है।