दादा-दादी की हत्या के बाद स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी
बैंकॉक के उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र नॉनथाबुरी प्रांत स्थित 'देबसिरिन नॉनथाबुरी स्कूल' में 7 अगस्त 2026 को एक दिल दहला देने वाली त्रासदी घटी। एक 14 वर्षीय छात्र ने विद्यालय परिसर और अपने घर को रक्तरंजित कर दिया। इस दुखद घटना में हमलावर छात्र समेत कुल 8 लोगों के मारे जाने और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
घटनाक्रम और खूनी सिलसिला
थाईलैंड पुलिस के अनुसार, इस वीभत्स वारदात की शुरुआत छात्र के निवास स्थान से हुई। आरोपी किशोर अपने माता-पिता के बजाय अपने दादा-दादी के साथ रहता था। उसने सबसे पहले अपने दादाजी की लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल करते हुए घर में ही अपने दादा-दादी की गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके पश्चात, आरोपी हैंडगन और अतिरिक्त कारतूस लेकर अपने विद्यालय पहुँचा, जहाँ लगभग 3,000 विद्यार्थी पढ़ते हैं। परिसर में प्रवेश करते ही उसने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। गोलियों की आवाज़ से विद्यालय में भगदड़ मच गई। छात्र-छात्राओं ने अपनी जान बचाने के लिए कक्षाओं के डेस्क के नीचे शरण ली।
स्कूल परिसर में हुई गोलीबारी में तीन शिक्षकों और तीन विद्यार्थियों की मौके पर या उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। आरोपी ने कम से कम 26 राउंड गोलियाँ चलाईं। घटना के दौरान भागदौड़ और गोलीबारी की चपेट में आने से 23 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हमलावर का अंत और संभावित कारण
घटना के उपरांत हमलावर किशोर भी मृत पाया गया। प्राथमिक जाँच और पुलिस प्रवक्ताओं के अनुसार, हमलावर ने अंततः खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक अत्यंत दुखद त्रासदी करार दिया है। प्रारंभिक पुलिस पूछताछ से संकेत मिला है कि आरोपी छात्र मानसिक तनाव में था और संभवतः सहपाठियों द्वारा बुलिंग का शिकार था। सहपाठियों के अनुसार वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान दिख रहा था और उसने इस हमले की योजना पूर्व में ही बना ली थी।
कानून और हथियार नियंत्रण पर उठते प्रश्न
यद्यपि दक्षिण-पूर्व एशिया में थाईलैंड में नागरिक हथियार स्वामित्व की दर सर्वाधिक है, तथापि विद्यालयों में इस प्रकार की सामूहिक गोलीबारी की घटनाएँ विरली ही देखने को मिलती हैं। इस घटना ने एक बार फिर थाईलैंड में हथियारों की उपलब्धता, सुरक्षा ऑडिट, और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर प्रश्नों को उजागर कर दिया है। सरकार ने मामले की गहन जाँच और अस्त्र-शस्त्र नियंत्रण कानूनों की समीक्षा का आश्वासन दिया है।