विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत और समग्र दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी (Public Health Advisory) जारी की है। WHO की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक जलवायु परिवर्तन और 'एल नीनो' (El Niño) मौसमी प्रभाव के कारण क्षेत्र में तापमान और वर्षा के पैटर्न में अनपेक्षित बदलाव आ रहे हैं। इस मौसमी उथल-पुथल के कारण मच्छर जनित बीमारियों, जैसे—डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया और जीका वायरस के फैलने की दर में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव ने वायरस और मच्छरों के पनपने के लिए बेहद अनुकूल माहौल तैयार कर दिया है।
रिपोर्ट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि बिन-मौसम बारिश और लंबे समय तक बने रहने वाले उच्च तापमान के कारण शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलजमाव हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप एडीज (Aedes) मच्छरों की आबादी में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जो डेंगू और चिकुनगुनिया के मुख्य वाहक हैं। भारत के कई राज्यों में इस बार सामान्य से अधिक संख्या में डेंगू के मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत निवारक कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति आने वाले महीनों में एक बड़े महामारी संकट का रूप ले सकती है।
WHO ने केंद्र और राज्य सरकारों को एक एकीकृत रणनीति अपनाने का सुझाव दिया है। इसके तहत सभी नगर निगमों को जलजमाव वाले स्थानों पर फॉगिंग कराने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और 'एंटी-लार्वा' अभियान को तेज करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अस्पतालों को प्लेटलेट्स (Platelets), आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं और आइसोलेशन वार्डों की पर्याप्त व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उनका समय पर इलाज शुरू किया जा सके।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस खतरे से निपटने के लिए नागरिक जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। लोगों से अपने घरों के आसपास, कूलरों, गमलों और छतों पर पानी इकट्ठा न होने देने की अपील की जा रही है। जलवायु परिवर्तन अब केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर इंसान के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। WHO की यह चेतावनी भारत के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक अलार्म है कि वह बदलते मौसम के साथ उभरती नई स्वास्थ्य चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखे।