देश की रेल परिवहन व्यवस्था को पटरी से उतारने और सैकड़ों बेगुनाह यात्रियों की जान जोखिम में डालने की एक और नापाक साज़िश का पर्दाफाश हुआ है। एक व्यस्त रेल मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेन के आने से ठीक पहले पटरियों पर लोहे के भारी-भरकम खंभे और अवरोधक पाए गए। लोको पायलट की सतर्कता और समय पर लगाई गई इमरजेंसी ब्रेक के कारण एक बड़ा और भयावह ट्रेन हादसा होने से बाल-बाल टल गया। घटना की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब तेज रफ्तार से दौड़ रही एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट ने दूर से ही ट्रैक पर कुछ संदिग्ध वस्तु रखी देखी। पायलट ने बिना एक पल गंवाए आपातकालीन ब्रेक लगाए, जिससे ट्रेन ट्रैक पर रखी लोहे की छड़ों से कुछ ही दूरी पर जाकर रुक गई। अगर ट्रेन कुछ सेकेंड भी देर से रुकती, तो तेज रफ्तार के कारण ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर सकते थे और सैकड़ों यात्रियों की जान पर बन आती। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन स्थिति स्पष्ट होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि ट्रेन को पलटने की नीयत से की गई सोची-समझी साज़िश थी। भारी लोहे की वस्तुओं को जिस तरीके से ट्रैक पर फिट किया गया था, वह किसी आपराधिक या राष्ट्रविरोधी सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि साज़िशकर्ताओं का सुराग लगाया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद रोधी दस्तों (ATS) और खुफिया एजेंसियों को भी जांच में शामिल कर लिया है। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। रेलवे ने भी अपने गश्ती दल को और अधिक मुस्तैद कर दिया है। ट्रैक पर रात के समय होने वाली गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील रेल खंडों पर ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखने का फैसला किया गया है।
रेलवे नेटवर्क देश की जीवनरेखा है और उस पर इस तरह के हमले देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए सीधी चुनौती हैं। इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की है। गनीमत रही कि अलर्ट लोको पायलट की तत्परता से सैकड़ों जिंदगियां बच गईं। सरकार और रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले साज़िशकर्ताओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।