Cult Current
राजनीति

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: चंडीगढ़ प्रशासन ने उबर और रैपिडो के लाइसेंस किए निलंबित

यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन नियमों के बार-बार हो रहे उल्लंघन को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग ने प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों 'उबर' (Uber) और 'रैपिडो' (Rapido) के कमर्शियल परिचालन लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है।

कल्ट करंट डेस्क
Cult Current
15 Sep 2026
Solar farm during sunset

यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन नियमों के बार-बार हो रहे उल्लंघन को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग ने प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों 'उबर' (Uber) और 'रैपिडो' (Rapido) के कमर्शियल परिचालन लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इस आदेश के बाद शहर में इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कैब और बाइक टैक्सी की बुकिंग सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, दोनों कंपनियों पर एग्रीगेटर गाइडलाइन्स 2020 का पालन न करने के गंभीर आरोप हैं। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, कंपनियां यात्रियों के किराए में अप्रत्याशित वृद्धि (Surge Pricing) को नियंत्रित करने, वाहनों में अनिवार्य जीपीएस और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाने जैसे सुरक्षा मानकों को पूरा करने में विफल रहीं। इसके अलावा, बिना वैध परमिट के दोपहिया वाहनों का कमर्शियल इस्तेमाल भी निलंबन का मुख्य कारण बना।

इस अचानक की गई कार्रवाई से शहर के हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान दफ्तर और कॉलेज जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन या ऑटो पर निर्भर होना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, उबर और रैपिडो से जुड़े हजारों ड्राइवरों और राइडर्स की आजीविका पर भी अचानक संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिसके विरोध में ड्राइवरों ने प्रशासन से गुहार लगाई है।

स्थानीय ऑटो-रिक्शा और पारंपरिक टैक्सी यूनियनों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका तर्क है कि ये ऐप आधारित कंपनियां गैर-कानूनी तरीके से काम करके और अनुचित मूल्य निर्धारण रणनीति अपनाकर स्थानीय चालकों के व्यवसाय को नुकसान पहुँचा रही थीं। प्रशासन के इस कड़े रुख से अन्य कमर्शियल परिवहन सेवाओं को भी स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निलंबित कंपनियों ने इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशने और प्रशासन के साथ बातचीत कर जल्द से जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। कंपनियों का कहना है कि वे सुरक्षा मानकों को पूरा करने और प्रशासन की सभी शर्तों का पालन करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाता या अदालत से राहत नहीं मिलती, तब तक ट्राइसिटी क्षेत्र में इन सेवाओं का ठप रहना तय है।