Cult Current
राजनीति

विमल इलायची विज्ञापन विवाद पहुंचा हाईकोर्ट: शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस जारी

प्रसिद्ध पान मसाला ब्रांड 'विमल इलायची' के विवादित विज्ञापनों का मामला अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है। उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉलीवुड के शीर्ष सितारों—शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को अदालत में पेश

कल्ट करंट डेस्क
Cult Current
15 Sep 2026
Solar farm during sunset

प्रसिद्ध पान मसाला ब्रांड 'विमल इलायची' के विवादित विज्ञापनों का मामला अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है। उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉलीवुड के शीर्ष सितारों—शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को अदालत में पेश होकर अपना जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये सितारे सेरोगेट विज्ञापन (Surrogate Advertising) के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से तंबाकू और हानिकारक उत्पादों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिससे युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है।

अदालत में दायर याचिका में यह तर्क दिया गया है कि 'इलायची' के नाम पर विमल ब्रांड जिस रंग, पैकेजिंग और लोगो का इस्तेमाल करता है, वही उनके तंबाकू उत्पादों का भी होता है। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए और इसमें शामिल हस्तियों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

इस मामले में केंद्र सरकार और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया गया है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब कानूनन तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों के प्रचार पर प्रतिबंध है, तो सेरोगेट माध्यमों का उपयोग करके इस तरह के विज्ञापनों को टीवी और डिजिटल मीडिया पर प्रसारित करने की अनुमति कैसे मिल रही है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट और जवाब मांगा है।

यह पहला मौका नहीं है जब बॉलीवुड सितारे तंबाकू ब्रांड्स के विज्ञापनों को लेकर जनता के निशाने पर आए हैं। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर ट्रॉलिंग और प्रशंसकों के विरोध के बाद कुछ अभिनेताओं ने इन विज्ञापनों से खुद को अलग करने का दावा किया था। हालांकि, कानूनी तौर पर अनुबंधों और प्रसारण पर रोक न होने के कारण ये विज्ञापन लगातार प्रसारित होते रहे। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से अब इन सेलेब्रिटीज पर सीधा दबाव बन गया है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला भारत में सेरोगेट विज्ञापनों के नियमन के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि अदालत इन सितारों और विज्ञापनदाता कंपनी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाती है, तो इसका असर पूरे एडवरटाइजिंग उद्योग पर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शाहरुख, अजय और टाइगर के वकील अदालत में क्या सफाई पेश करते हैं।