आगामी त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन से ठीक पहले सर्राफा बाजार में हलचल काफी तेज हो गई है। वैश्विक और घरेलू बाजारों में बहुमूल्य धातुओं के दामों में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, आज सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में ऊपरी स्तरों से भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतें भी अपने उच्चतम स्तर से फिसलकर एक स्थिर दायरे में कारोबार करती नजर आईं, जिससे आम खरीदारों और आभूषण निर्माताओं ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
चांदी की कीमतों में आई इस अचानक गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में औद्योगिक मांग की अनिश्चितता और मुनाफावसूली को माना जा रहा है। सोलर पैनल, ईवी (EV) निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चांदी का व्यापक उपयोग होता है, लेकिन वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं ने इसकी औद्योगिक मांग पर कुछ समय के लिए ब्रेक लगा दिया है। इसके अलावा, सट्टेबाजों द्वारा बड़े पैमाने पर अपने फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स (Futures) बेचने से भी कीमतों पर नीचे की ओर भारी दबाव बना।
सोने के भाव की बात करें तो, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग अब भी बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में मजबूती और अमेरिकी बांड यील्ड में आए उछाल के कारण सोने की तेजी पर भी अंकुश लगा है। भारतीय बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में आई हल्की नरमी ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जो आगामी धनतेरस और दिवाली के त्योहारों के लिए अग्रिम खरीदारी की योजना बना रहे थे।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, कीमतों में इस गिरावट या सुधार (Correction) के कारण स्थानीय आभूषण बाजारों में ग्राहकों की फुटफॉल (आवाजाही) बढ़ने की उम्मीद है। पिछले कुछ हफ्तों से आसमान छूती कीमतों के कारण गहनों की खुदरा बिक्री में काफी सुस्ती देखी जा रही थी। हालांकि, आभूषण व्यापारियों का मानना है कि त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही मांग में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
संक्षेप में, सोने और चांदी की कीमतों में आया यह नया मोड़ त्योहारों की खरीदारी से पहले भारतीय मध्यम वर्ग के लिए एक अनुकूल अवसर लेकर आया है। जहां निवेशकों को इस बाजार में संभलकर कदम रखने की सलाह दी जा रही है, वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए यह गिरावट अपने बजट के भीतर आभूषणों की खरीदारी करने का एक मुफीद मौका साबित हो सकती है।