केंद्र सरकार द्वारा समर्थित ऐप-आधारित कैब और बाइक सेवा 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) का विस्तार अब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों तक करने की एक बड़ी योजना तैयार की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बड़े शहरों के अलावा छोटे गांवों और कस्बों को भी आधुनिक, सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा से जोड़ना है।
वर्तमान में ओला और उबर जैसी निजी कंपनियां केवल बड़े शहरी केंद्रों तक सीमित हैं, जिससे ग्रामीण निवासियों को आपातकालीन स्थिति में या दैनिक यात्रा के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था। 'भारत टैक्सी' इस अंतर को पाटते हुए उत्तर प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में किफायती दरों पर ऑटो, बाइक और टैक्सी सेवाएं प्रदान करेगी।
इस योजना के तहत स्थानीय ड्राइवरों और युवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। चालकों से किसी भी प्रकार का अत्यधिक कमीशन नहीं लिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर आय का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से बुकिंग होने से ग्रामीण इलाकों में स्थानीय रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस ऐप में कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें लाइव जीपीएस ट्रैकिंग, एसओएस (SOS) इमरजेंसी बटन और 24 घंटे काम करने वाला हेल्पलाइन सेंटर शामिल है। इससे विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा बेहद सुरक्षित हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग मिलकर इस प्रोजेक्ट को तेजी से धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं। प्रथम चरण में इसे राज्य के प्रमुख जिला मुख्यालयों और उनसे जुड़े ग्रामीण रूटों पर शुरू किया जाएगा, जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।