Cult Current
अर्थ संसार

शेयर बाजार में हाहाकार: एक ही दिन में स्वाहा हुए 3 लाख करोड़, निवेशक हलकान

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ, जहाँ बिकवाली के भारी दबाव के कारण प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई

कल्ट करंट डेस्क
Cult Current
15 Sep 2026
Solar farm during sunset

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ, जहाँ बिकवाली के भारी दबाव के कारण प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 1000 से अधिक अंक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों के नीचे बंद हुआ। इस चौतरफा गिरावट के चलते महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए।

बाजार में इस भारी बिकवाली के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी, मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने वैश्विक निवेशकों के रुख को सतर्क कर दिया। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पूंजी की निकासी ने गिरावट को और तेज कर दिया।

गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, ऑटो, आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों की स्थिति और भी खराब रही, जहाँ छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो को भारी नुकसान पहुँचा। बाजार के इस मिजाज से खुदरा निवेशकों में भय का माहौल है और कई लोग अपने निवेश को बेचने पर मजबूर हुए।

अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों का कहना है कि महंगाई के आंकड़े और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती में हो रही देरी से भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। निवेशक अब जोखिम भरे संपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्प माने जाने वाले सोने और सरकारी बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं। इस अनिश्चितता के कारण आने वाले कुछ सत्रों तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों ने आम निवेशकों को सलाह दी है कि वे इस पैनिक माहौल में घबराकर अपनी होल्डिंग्स न बेचें। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों को निचले स्तरों पर खरीदने का अवसर भी हो सकती है। हालांकि, मौजूदा वित्तीय अनिश्चितता को देखते हुए नए निवेश के मामले में बेहद सतर्क रहने और केवल चरणों (SIP मोड) में निवेश करने की हिदायत दी गई है।