Cult Current
अर्थ संसार

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने-चांदी के दामों में बड़ा उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। भारतीय बाजारों में भी 24 कैरेट सोने के दाम

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
21 Sep 2026
Solar farm during sunset

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। भारतीय बाजारों में भी 24 कैरेट सोने के दाम अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, जबकि चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस तेजी ने आम खरीदारों को चौंका दिया है, वहीं निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं।

सोने की कीमतों में इस भारी उछाल का सबसे बड़ा कारण वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी डॉलर के बजाय सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, कई देशों में ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने भी सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ा दिया है।

भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही रुकावटों के कारण भी निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सोने और चांदी की तरफ रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनता है, तब सोना निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद ढाल बनकर उभरता है। चांदी की मांग औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर सोलर पैनल और ईवी बैटरी निर्माण में भी तेजी से बढ़ी है।

सोने-चांदी के इस नए रिकॉर्ड का सीधा असर भारत के घरेलू सर्राफा बाजार और आम उपभोक्ता पर पड़ा है। आगामी शादियों और त्योहारों के सीजन को देखते हुए आम परिवारों के लिए आभूषण खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, जो लोग पहले से सोने में डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या ईटीएफ (ETF) के जरिए निवेश कर चुके थे, उन्हें इस समय शानदार रिटर्न मिल रहा है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों तक सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का यह रुख बना रह सकता है। हालांकि, बीच-बीच में थोड़ी बहुत मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से इसका ट्रेंड ऊपर की ओर ही रहने की उम्मीद है। निवेश विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को अपने कुल पोर्टफोलियो का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा हमेशा सोने में बनाए रखना चाहिए ताकि जोखिम संतुलित रहे।