Cult Current
विज्ञान

जिबूती तट डूबी प्रवासियों की नाव

पूर्वी अफ्रीका के जिबूती तट के पास प्रवासियों से भरी एक खचाखच भरी नाव के समंदर में सम समाने से भीषण हादसा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 139 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
12 Oct 2026
Solar farm during sunset

पूर्वी अफ्रीका के जिबूती तट के पास प्रवासियों से भरी एक खचाखच भरी नाव के समंदर में सम समाने से भीषण हादसा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 139 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ये सभी अभागे प्रवासी बेहतर भविष्य की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्ते से यूरोप और खाड़ी देशों की ओर जा रहे थे।  

जिबूती और तटीय सुरक्षा बलों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते हुए पानी से कई शवों को बाहर निकाला है। हालांकि, खराब मौसम और तेज समुद्री लहरों के कारण राहत और बचाव कार्यों में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय अस्पतालों में बचाए गए लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया है और मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।  

मानवाधिकार संगठनों ने इस दर्दनाक हादसे के लिए वैश्विक स्तर पर फैलती गरीबी, युद्ध और प्रशासनिक उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। अफ्रीकी देशों में बिगड़ते हालात और रोजगार की कमी के कारण युवा अपनी जान जोखिम में डालकर इन अवैध और खतरनाक समुद्री मार्गों का चुनाव करने के लिए मजबूर हैं। तस्करों का यह काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है।

संयुक्त राष्ट्र और जिबूती सरकार ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे प्रवासियों के संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएं। युद्ध और आर्थिक तंगी से भाग रहे इन लोगों के लिए दुनिया भर के बॉर्डर बंद होने के कारण इन्हें ऐसे जानलेवा रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो मानवता के माथे पर कलंक है।

भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में इस तरह की लगातार अस्थिरता और मानवीय संकट वैश्विक व्यापार तथा समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। जिबूती का यह क्षेत्र लाल सागर और अदन की खाड़ी के पास स्थित है, जो भारतीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में समुद्री डकैती और अवैध गतिविधियों पर पहले से ही कड़ी नजर रखती है। इस तरह के मानवीय संकट और बढ़ती अस्थिरता भारत के व्यापारिक जहाजों और मर्चेंट नेवी की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं, जिस पर नई दिल्ली की पैनी निगाहें बनी हुई हैं।

#MigrantCrisis #DjiboutiBoatTragedy #HumanitarianCrisis #RedSea #GlobalMigration #AfricanNews #SeaDisaster #WorldNews