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जापान सागर में मिसाइल टेस्ट

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाते हुए जापान सागर (पूर्वी सागर) की ओर एक साथ कई नई और उन्नत हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण कर दिया है।

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
14 Oct 2026
Solar farm during sunset

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाते हुए जापान सागर (पूर्वी सागर) की ओर एक साथ कई नई और उन्नत हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण कर दिया है। यह मिसाइलें ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ने में सक्षम हैं और पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों को आसानी से मात दे सकती हैं।

इन मिसाइलों के परीक्षण के तुरंत बाद टोक्यो और सियोल में खतरे के सायरन बज उठे। जापानी सरकार ने अपने तटीय क्षेत्रों में आपातकालीन चेतावनी जारी की और जहाजों को तुरंत सतर्क रहने के निर्देश दिए। जापान के प्रधानमंत्री ने इस परीक्षण की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया है।

दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सेना ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोरियाई प्रायद्वीप में अपने संयुक्त वायुसेना अभ्यास का दायरा और बढ़ा दिया है। वाशिंगटन ने सियोल और टोक्यो को अपनी 'विस्तारित निवारक' (Extended Deterrence) सुरक्षा प्रतिबद्धता का पुनः आश्वासन दिया है।

उत्तर कोरिया की इस नई तकनीकी क्षमता से पूर्वी एशिया में हथियारों की एक नई होड़ शुरू हो गई है, जिससे जापान और दक्षिण कोरिया भी अपनी रक्षा प्रणालियों को अत्यधिक आधुनिक और आक्रामक बनाने पर विचार कर रहे हैं।

भारतीय परिप्रेक्ष्य: कोरियाई प्रायद्वीप और पूर्वी एशिया में शांति और स्थिरता भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों से सीधे जुड़ी हुई है। उत्तर कोरिया द्वारा बार-बार किए जाने वाले मिसाइल परीक्षणों से इस क्षेत्र में बड़े सैन्य संघर्ष का जोखिम बढ़ता है।

भारत ने हमेशा से उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकियों के प्रसार (Proliferation) पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है, विशेष रूप से जब इसके तार भारत के पड़ोस से जुड़े रहे हों। नई दिल्ली इस क्षेत्र में संयम बरतने और बातचीत के जरिए परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने की मांग करती है।

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