Cult Current
विज्ञान

जहाजों पर ड्रोन हमला

ब्लैक सी (काला सागर) में बुल्गारिया के तट के समीप संदिग्ध ड्रोन हमलों ने दो व्यापारिक पोतों को निशाना बनाया है, जिससे एक पोत समंदर में समा गया। दुर्घटनाग्रस्त पोत के चालक दल में यूक्रेन और अजरबैजान के नागरिक शामिल थे

कल्ट करंट डेस्क
कल्ट करंट डेस्क
13 Oct 2026
Solar farm during sunset

ब्लैक सी (काला सागर) में बुल्गारिया के तट के समीप संदिग्ध ड्रोन हमलों ने दो व्यापारिक पोतों को निशाना बनाया है, जिससे एक पोत समंदर में समा गया। दुर्घटनाग्रस्त पोत के चालक दल में यूक्रेन और अजरबैजान के नागरिक शामिल थे, जिन्हें तटीय रक्षा बलों द्वारा बचा लिया गया। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुए इस अचानक हमले से समुद्री व्यापार गलियारों में भारी दहशत फैल गई है।  

इस घटना के बाद यूरोपीय संघ और नाटो (NATO) सदस्यों ने काला सागर में नौवहन सुरक्षा की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई है। व्यापारिक जहाजों पर सीधे हवाई ड्रोन हमलों की इस नई प्रवृत्ति ने कमर्शियल शिपिंग कंपनियों के लिए बीमा दरों को कई गुना बढ़ा दिया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षित नौवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इसी दौरान, अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों में व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए 60 देशों के गठबंधन ने एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें किसी भी रणनीतिक मार्ग में मनमाना शुल्क या नाकाबंदी लगाने का कड़ा विरोध किया गया है। हालांकि, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के आसान उपयोग से यह सुरक्षा पाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

रूस और यूक्रेन संघर्ष का दायरा अब केवल थल सीमा तक सीमित न रहकर समंदर के प्रमुख व्यापारिक मार्गों को सीधे चपेट में ले रहा है। जहाजों पर हमलों के कारण गेहूं और आवश्यक खाद्यान्न की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला फिर से ठप होने का खतरा मंडराने लगा है, जिससे वैश्विक खाद्य संकट गहरा सकता है।

भारत के लिए काला सागर का यह तनाव सीधा प्रभाव डालता है, क्योंकि भारत इस मार्ग से सूरजमुखी का तेल, खाद और अन्य कृषि उत्पादों का आयात-निर्यात करता है। समुद्री मार्गों पर ऐसे हमलों से माल ढुलाई (Freight Charges) और मरीन इंश्योरेंस की दरें बढ़ जाती हैं, जिसका सीधा असर भारत में आयातित वस्तुओं के दामों पर पड़ता है।

इसके अलावा, भारतीय नौसेना और समुद्री एजेंसियां वैश्विक समुद्री रास्तों (Sea Lines of Communication) की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। भारत हमेशा से 'नौवहन की स्वतंत्रता' (Freedom of Navigation) का पक्षधर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

#BlackSeaAttacks #ShippingNews #GlobalTrade #DroneAttack #FoodSecurity #MarineInsurance #Geopolitics2026 #MaritimeSafety