घाटी में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन:
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) के दौरान आतंकवादियों के एक गुप्त और बेहद सुरक्षित ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है।
भारी मात्रा में आधुनिक हथियार जब्त:
ठिकाने की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में घातक हथियार और गोला-बारूद मिला है। बरामद सामान में कई AK-47 राइफलें, उनके जिंदा कारतूस, उच्च क्षमता वाले हैंड ग्रेनेड, दूरसंचार उपकरण और बारूदी सामग्री (IED बनाने का सामान) शामिल हैं। इसके अलावा वहां से सर्दियों के मौसम में इस्तेमाल होने वाले कपड़े और भारी मात्रा में डिब्बाबंद राशन भी बरामद हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि आतंकी वहां लंबे समय तक छिपने की तैयारी में थे।
आतंकी नेटवर्क पर करारा प्रहार:
शोपियां और दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाके हमेशा से आतंकी संगठनों के लिए संवेदनशील रहे हैं। इस ठिकाने के तबाह होने से इलाके में सक्रिय स्थानीय और विदेशी आतंकियों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस ठिकाने का इस्तेमाल आतंकी किसी बड़े सरकारी प्रतिष्ठान या सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला करने की योजना बनाने के लिए कर रहे थे।
स्थानीय लोगों का सहयोग और खुफिया तंत्र:
यह सफल ऑपरेशन पूरी तरह से सटीक खुफिया जानकारी (Solid Intelligence Input) पर आधारित था। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से स्थानीय निवासियों के रवैये में सकारात्मक बदलाव आया है और वे अब शांति और विकास के पक्ष में आतंकियों की गतिविधियों की सूचना सुरक्षाबलों को दे रहे हैं। खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों के बीच का यह बेहतर तालमेल ही ऐसे सफल अभियानों का आधार बन रहा है।
घाटी में शांति और सुरक्षा का संकल्प:
भारतीय सेना और पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया होने तक इस तरह के सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे। आगामी त्योहारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दौरान घाटी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस कामयाबी से घाटी में तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल और अधिक बढ़ा है।