राजधानी दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम और ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं। दुनिया भर के शीर्ष नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों ने पूरी सेंट्रल दिल्ली को एक उच्च-सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया है।
इस विशेष व्यवस्था के तहत नई दिल्ली के प्रमुख मार्गों जैसे सरदार पटेल मार्ग, सी-हेक्सागन और अकबर रोड पर आम वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित या डायवर्ट कर दिया गया है। आम नागरिकों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रियल-टाइम नेविगेशन अपडेट्स जारी किए हैं, ताकि लोग वैकल्पिक मार्गों जैसे रिंग रोड या आउटर रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकें।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी लुटियंस दिल्ली में त्रिस्तरीय (3-Tier) सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इसमें स्वात (SWAT) कमांडो, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के शार्पशूटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेशियल रिकॉग्निशन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नो-फ्लाई ज़ोन घोषित होने के कारण ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं पर सख्त पाबंदी लागू है।
हालाँकि इन पाबंदियों से दैनिक यात्रियों को कुछ हद तक ट्रैफ़िक धीमी गति का सामना करना पड़ा, लेकिन शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और अस्पतालों के लिए आपातकालीन कॉरिडोर (Green Corridors) खुले रखे गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के कारण इतने बड़े वैश्विक आयोजन के बावजूद शहर की व्यवस्था पटरी पर बनी हुई है।
यह आयोजन यह साबित करता है कि भारत की राजधानी इतने बड़े और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी बेहद सटीकता और बिना किसी सुरक्षा चूक के करने में पूरी तरह सक्षम है। लुटियंस दिल्ली का यह अभेद्य ढांचा अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन क्षमता की छाप छोड़ता है।