बहुराष्ट्रीय सम्मेलनों और वैश्विक VVIPs की मौजूदगी को देखते हुए संपूर्ण दिल्ली-NCR क्षेत्र में त्रिस्तरीय (3-Tier) सुरक्षा कवच तैनात कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है।
सुरक्षा के इस विशाल खाके में सबसे बाहरी घेरा राज्य की सीमाओं पर नाकेबंदी और सघन चेकिंग का है। मध्य घेरे में रणनीतिक स्थलों पर अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि सबसे आंतरिक घेरा (Inner Core) एनएसजी (NSG) कमांडो, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप और खुफिया एजेंसियों की सीधी निगरानी में है।
संवेदनशील इलाकों और वीवीआईपी रूटों पर एआई-संचालित सर्विलांस कैमरों और एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti-Drone Systems) को सक्रिय किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने के लिए एआई कैमरे रियल-टाइम डेटा कंट्रोल रूम को भेज रहे हैं, जिससे सुरक्षा बलों को त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) में मदद मिल रही है।
सुरक्षा के इस सख्त पहरे के बावजूद आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए नागरिक उड़ानों और सार्वजनिक परिवहन के संचालन का एक विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। आपातकालीन सेवाओं, जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड, के लिए समर्पित फ्री-कॉरिडोर बनाए गए हैं।
राजधानी में की गई यह मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था भारत की प्रशासनिक क्षमता, रणनीतिक सतर्कता और उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को बिना किसी सुरक्षा जोखिम के कुशलतापूर्वक संपन्न कराने की दृढ़ कटिबद्धता को उजागर करती है।