विश्व शतरंज परिसंघ (FIDE) ने आगामी विश्व शतरंज चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए स्विट्जरलैंड का चयन करके एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पूरे 22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्विट्जरलैंड की पावन धरती पर विश्व शतरंज चैंपियनशिप का महामुकाबला खेला जाएगा। इस बार का यह मुकाबला भारत के युवा स्टार और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश और उज्बेकिस्तान के प्रतिभाशाली ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव के बीच आयोजित होगा, जिस पर दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं।
भारत के डी. गुकेश ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बिसात पर अपनी चालों से तहलका मचाया है। सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल करने वाले गुकेश के पास इस खिताब को बरकरार रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। स्विट्जरलैंड की शांत और प्राकृतिक वादियां खिलाड़ियों को मानसिक एकाग्रता प्रदान करने के लिए आदर्श मानी जाती हैं, लेकिन इस विश्व स्तरीय दबाव के बीच अपनी रणनीति को सटीक बनाए रखना दोनों युवा खिलाड़ियों के लिए असली परीक्षा होगी।
दूसरी ओर, उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव इस समय अपने करियर के बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर चुनौती पेश करने वाले सिंदारोव को उनकी आक्रामक और लीक से हटकर खेलने की शैली के लिए जाना जाता है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि सिंदारोव की अनप्रेडिक्टेबल चालें और गुकेश का ठोस रक्षात्मक व रणनीतिक खेल इस क्लासिकल मुकाबले को बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बनाएंगे।
स्विट्जरलैंड में होने वाले इस आयोजन के लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं। स्थानीय खेल महासंघ और प्रायोजक इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप को डिजिटल और आधुनिक तकनीकों से लैस बनाने पर काम कर रहे हैं। इस क्लासिकल फॉर्मेट में 14 बाजी (Games) खेली जाएंगी और जो खिलाड़ी सबसे पहले 7.5 अंक हासिल करेगा, वह विश्व विजेता का ताज पहनेगा। इस आयोजन से पूरे यूरोप में शतरंज के प्रति एक नई लहर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए यह मुकाबला गर्व और उत्सुकता से भरा है। विश्व भर के दिग्गज ग्रैंडमास्टर्स इस मुकाबले का गहन विश्लेषण कर रहे हैं। गुकेश के ट्रेनर्स और सपोर्ट स्टाफ ने स्विट्जरलैंड की परिस्थितियों के अनुसार ढलने के लिए अभी से विशेष प्रशिक्षण शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय मास्टर माइंड डी. गुकेश स्विट्जरलैंड की बर्फ़ीली फिज़ा में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव कर पाते हैं या नहीं।