पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में भीषण भूस्खलन (Landslide) होने से कई मुख्य सड़कें बह गईं और दर्जनों घर खतरे की जद में आ गए। भूस्खलन के इस अचानक आए संकट के बीच राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा बल और स्थानीय प्रशासन ने रात-दिन राहत और बचाव कार्य चलाते हुए 128 लोगों को मलबे और खतरनाक इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला है।
ग्यालशिंग के निचले और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन के कारण कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गईं और कुछ घर पूरी तरह से ढह गए। गनीमत यह रही कि जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, जिससे लोग सतर्क थे। फंसे हुए लोगों, जिनमें कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल थे, को रस्सियों और अस्थायी पुलों के सहारे उफनते नालों और मलबे के बीच से सुरक्षित निकाला गया।
बचाए गए सभी 128 नागरिकों को प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहाँ उनके लिए भोजन, पीने का पानी, गर्म कपड़े और आवश्यक दवाइयों का प्रबंध किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत शिविरों में लगातार जांच कर रही हैं ताकि जलजनित बीमारियों या संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। जिला कलेक्टर ने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
भूस्खलन के कारण राज्य के कई हिस्सों का संपर्क कट गया है। मुख्य राजमार्गों पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गिरने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की भारी मशीनों और बुलडोजरों को सड़कें साफ करने के काम में लगाया गया है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश के कारण मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के काम में काफी बाधा आ रही है।
मौसम विभाग ने सिक्किम के कई जिलों के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि जब तक मौसम सामान्य न हो, तब तक पहाड़ी और नदी तट वाले संवेदनशील इलाकों की यात्रा करने से बचें। राज्य सरकार ने केंद्र से भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सहायता की मांग की है।