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मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार: कोलकाता में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 40 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए

आगामी दुर्गा पूजा और त्योहारी सीजन से ठीक पहले कोलकाता में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और पश्चिम बंगाल खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और अस्वास्थ्यकर भोजन बेचने वालों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया है।

कल्ट करंट डेस्क
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15 Sep 2026
Solar farm during sunset

आगामी दुर्गा पूजा और त्योहारी सीजन से ठीक पहले कोलकाता में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और पश्चिम बंगाल खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और अस्वास्थ्यकर भोजन बेचने वालों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया है। औचक निरीक्षण के दौरान नियमों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने शहर के 40 प्रसिद्ध रेस्टोरेंट, कैफे और मिठाई दुकानों के खाद्य लाइसेंस (Food License) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इस कार्रवाई से शहर के होटल और रेस्तरां उद्योग में हड़कंप मच गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमों ने मध्य और उत्तरी कोलकाता के कई प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि कई बड़े रेस्टोरेंट बेहद गंदे और अस्वास्थ्यकर माहौल में खाना बना रहे थे। रसोई में बासी मांस, एक्सपायरी डेट के खाद्य तेल और अनधिकृत रसायनों व रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा कई दुकानों के पास वैध लाइसेंस और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी नहीं थे।

विभाग की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान लाखों लोगों की सेहत से होने वाले खिलवाड़ को रोकना है। दुर्गा पूजा के समय कोलकाता के रेस्टोरेंटों और फूड स्टॉलों पर भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में दूषित भोजन के कारण फूड पॉइजनिंग और बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान दर्जनों खाद्य पदार्थों के सैंपल जब्त कर जांच के लिए राज्य की केंद्रीय प्रयोगशाला (State Food Laboratory) भेजे हैं।

निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों को कड़ा नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक वे अपनी रसोई की साफ-सफाई में सुधार नहीं करते, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन सुनिश्चित नहीं करते और लैब टेस्ट रिपोर्ट में पास नहीं होते, तब तक वे किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संचालन नहीं कर सकेंगे। दोबारा नियम तोड़ने पर उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के इस कड़े कदम का आम नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय मुनाफाखोरी के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले दुकानदारों पर इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए। विभाग ने आम जनता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिस पर वे खराब या मिलावटी भोजन से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।