अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव का असर अब क्षेत्रीय नागरिक उड्डयन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। इराक की राजधानी बगदाद में सुरक्षा कारणों और संभावित हवाई खतरों को देखते हुए ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय अमेरिकी चेतावनियों और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बाद लिया गया है।
ईरान के रक्षा मंत्रालय और शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उसके सैन्य प्रतिष्ठानों या संप्रभुता पर कोई हमला होता है, तो उसका जवाब अत्यंत कठोर और अप्रत्याशित होगा। ईरानी वायु सेना और मिसाइल तंत्र को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। तेहरान की ओर से आए इस बयान ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों के लिए भी सतर्कता बढ़ा दी है।
इराक, जो लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच प्रभाव की जंग का केंद्र रहा है, इस स्थिति में सबसे अधिक संवेदनशील स्थिति में आ गया है। बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इराकी सरकार ने अपनी वायु सीमा (Airspace) की निगरानी तेज कर दी है। इराक का प्रयास है कि उसकी धरती का उपयोग किसी भी देश द्वारा दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए न किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी मध्य पूर्व के हवाई मार्गों से अपनी उड़ानों को डायवर्ट करना शुरू कर दिया है। खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले नागरिक विमानों के लिए नए रूट तय किए जा रहे हैं, जिससे उड़ानों का समय और ईंधन लागत दोनों बढ़ रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि कूटनीतिक तनाव का सीधा प्रभाव सामान्य नागरिक परिवहन और व्यापार पर भी पड़ रहा है।
समग्र रूप से, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव किसी भी समय एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पड़ोसी अरब देश कूटनीतिक माध्यमों से स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित सैन्य टकराव को टाला जा सके और वाणिज्यिक गतिविधियों को सुचारू रखा जा सके।